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G20 अध्यक्ष के रूप में क्रिप्टो जोखिम से निपटने को साझा रूपरेखा चाहता है भारत: सीतारमण

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Last Updated- April 11, 2023 | 3:40 PM IST
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि जी20 की अध्यक्षता में भारत का लक्ष्य क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े जोखिमों से निपटने को सभी देशों के लिए एक साझा रूपरेखा बनाने का है।

दरअसल हाल के समय में क्रिप्टो बाजार में बहुत उथल-पुथल देखने को मिली है। क्रिप्टो एक्सचेंज एफटीएक्स के धराशायी होने और उसके बाद क्रिप्टो बाजार में बिकवाली तेज होने से क्रिप्टो पारिस्थितिकी को लेकर आशंकाएं गहराने लगी हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका के ‘पीटरसन इंस्टिट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकॉनमिक्स’ में कहा, ‘‘क्रिप्टो बाजार में भारी उथल-पुथल को देखते हुए, क्रिप्टोकरेंसी भारत की जी20 अध्यक्षता में विचार-विमर्श का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम सभी देशों के लिए एक साझा रूपरेखा विकसित करना चाहते हैं ताकि इस स्थिति से निपटा जा सके।’’

सीतारमण ने कहा कि जी20 समूह श्रीलंका और घाना जैसे मध्यम और कम आय वाले देशों में कर्ज के दबाव को कम करने के लिए सभी देशों को एकसाथ लाने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘जी20 भारत को यह अवसर देता है कि वह मध्यम आय और कम आय वाले देशों में कर्ज के दबाव को कम करने के लिए सभी देशों को साथ लाए। बहुपक्षीय संस्थान कर्ज तले दबे देशों के लिए समाधान दे रहे हैं।’’

जी20 की अध्यक्षता लगातार तीन वर्षों तक उभरते बाजारों वाले देशों के पास रहने का जिक्र करते हुए सीतारमण ने कहा कि इससे उभरते बाजारों के विचार और ‘वैश्विक दक्षिण (कम विकसित देश)’ की आवाज जी20 मंच तक पहुंचेगी।

गौरतलब है कि 2022 में जी20 की अध्यक्षता इंडोनेशिया के पास थी, 2023 में भारत इसका अध्यक्ष है और अगले वर्ष जी20 समूह का अध्यक्ष ब्राजील बनेगा। भाषा मानसी अजय

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First Published - April 11, 2023 | 3:40 PM IST

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