facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत में लू के थपेड़ों से होगा बड़ा संकट! इस साल गर्मी के दिन होंगे और भी खतरनाक; IMD का बड़ा अलर्ट

Advertisement

मौसम विभाग ने कहा है कि अप्रैल में भारत के केवल उत्तर-पश्चिमी इलाकों को छोड़कर ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकते हैं।

Last Updated- March 31, 2025 | 10:31 PM IST
Summer
प्रतीकात्मक तस्वीर

इस साल गर्मियों में आसमान से आग बरसने वाली है। अप्रैल-जून के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान दोनों ही सामान्य से अधिक रह सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को यह अनुमान जताया। विभाग के अनुसार मध्य एवं पूर्वी भारत और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में इस बार ज्यादा दिन लू का प्रकोप रहेगा।

सामान्य से अधिक तापमान से इन इलाकों में खेतों में खड़ी रबी फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा क्योंकि ज्यादातर बड़ी फसलों की कटाई हो चुकी है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में पारा तेजी से चढ़ा तो पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में देर से बोई गई गेहूं की किस्मों के लिए नमी की कमी हो सकती है। इस साल गर्मी के महीनों में तापमान सामान्य से अधिक रहने से जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतें भी उछल सकती हैं। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने संवाददाताओं से कहा, ‘अप्रैल-जून में अमूमन भारत में 4-7 दिन लू चलती है मगर इस साल कुछ अधिक दिनों तक लू में झुलसना पड़ सकता है। पूर्वी भारत में तो ऐसे दिनों की संख्या 10 तक पहुंच सकती है।‘

महापात्र ने कहा कि अप्रैल में भारत में 1 से 3 दिन लू चलती है मगर इस बार यह संख्या 3-6 तक पहुंच सकती है। आईएमडी के अनुसार राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक एवं तमिलनाडु के उत्तरी हिस्सों में लू वाले दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रह सकती है। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि अल नीनो और दक्षिणी दोलन अगले तीन महीनों के दौरान तटस्थ रह सकते हैं। विभाग के अनुसार मॉनसून के दौरान भी यह स्थिति बनी रह सकती है और इस बार ‘अल नीनो’ प्रभाव के आसार नहीं हैं।

महापात्र ने कहा कि हिंद महासागर द्विध्रुव भी इस मॉनसून के दौरान तटस्थ रह सकता है। उन्होंने कहा कि आईएमडी अप्रैल के मध्य तक 2025  के मॉनसून के लिए दीर्घ अवधि का अनुमान जारी करेगा।

इस बीच, मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अप्रैल में भारत के केवल उत्तर-पश्चिमी इलाकों को छोड़कर ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकते हैं। आईएमडी ने कहा कि अप्रैल में उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। उत्तर भारत और पूरे देश में अप्रैल के लिए वर्षा का दीर्घ अवधि का औसत (एलपीए) 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर 39.2 मिलीलीटर रहा है।

महापात्र ने कहा कि मार्च 2025  में पूरे भारत में अधिकतम तापमान 1901  के बाद 14वें सबसे ऊंचे स्तर पर था। उन्होंने कहा कि न्यूनतम तापमान 12वें और माध्य तापमान 11वें सबसे अधिक स्तरों पर थे।

विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि प्रचंड गर्मी के साथ लू वाले दिनों की संख्या अधिक रहने से भारत में इस बार गर्मी के दिनों में बिजली की अधिकतम मांग 9-10  फीसदी तक बढ़ सकती है। पिछले साल 30  मई को बिजली की अधिकतम मांग 250 गीगावॉट (6.3  फीसदी अधिक) का स्तर पार कर गई थी। जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान बढ़ना बिजली की मांग बढ़ने का एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

Advertisement
First Published - March 31, 2025 | 10:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement