facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत पेश करेगा FATF में पाकिस्तान के खिलाफ डोजियर, ग्रे लिस्ट में डालने की मांग

Advertisement

पाकिस्तान को 2022 में इस सूची से बाहर किया गया था जब उसने अपने मनी लॉन्डरिंग विरोधी और आतंक विरोधी फाइनैंसिंग ढांचे की कमियां दूर करने के मामले में सुधार दिखाया था।

Last Updated- May 23, 2025 | 10:53 PM IST
India and Pakistan

भारत फाइनैंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की आगामी बैठक में एक डॉजियर (विस्तृत जानकारी वाला दस्तावेज) प्रस्तुत कर मांग करेगा कि पाकिस्तान को एक बार फिर तथाकथित ग्रे लिस्ट वाली श्रेणी में डाला जाए। यह जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर दी। अधिकारी ने कहा, ‘भारत पाकिस्तान की गलतियों को रेखांकित करेगा मसलन धन की वापसी, आतंकियों को पनाह देना, विकास कार्यों के लिए मिले फंड से हथियार खरीदना आदि। पाकिस्तान अपने वादे के मुताबिक आतंकवाद निरोधक (संशोधन विधेयक 2020) जैसे कानून पारित कर पाने में भी नाकाम रहा है। एफएटीएफ द्वारा उसे दोबारा ग्रे लिस्ट में डाला जाना चाहिए।’

वैश्विक निगरानी संस्था देशों को उस समय ग्रे लिस्ट में डालती है जब उसे उनकी रणनीतिक कमियों का पता चलता है। उदाहरण के लिए कमजोर मनी लॉन्डरिंग विरोधी ढांचा, आतंकियों को आर्थिक मदद से निपटने में नाकामी आदि। पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालने का परिणाम विदेशी निवेश में कमी, उच्च उधारी लागत और दूसरे देशों की ओर से कठोर वित्तीय नियमन आदि के रूप में सामने आ सकता है।

पाकिस्तान को 2022 में इस सूची से बाहर किया गया था जब उसने अपने मनी लॉन्डरिंग विरोधी (एएमएल) और आतंक विरोधी फाइनैंसिंग (सीएफटी) ढांचे की कमियां दूर करने के मामले में सुधार दिखाया था।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सैन्य और आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान के खिलाफ घेराबंदी तेज कर दी है। हालांकि अधिकारी ने कहा कि सरकार को चालू वित्त वर्ष में रक्षा व्यय में कोई ‘बड़ी अतिरिक्त मांग’ नहीं नजर आ रही है। अधिकारी ने कहा, ‘रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों को आपात खरीद अधिकार दिए हैं। देश की रणनीतिक जरूरतें कभी अधूरी नहीं छोड़ी जाएंगी।’ अधिकारी ने कहा कि भारत पाकिस्तान द्वारा विश्व बैंक के समक्ष पेश किए जाने वाले ऋण प्रस्ताव का भी विरोध करेगा।

अधिकारी ने कहा, ‘जब तक पाकिस्तान कोई कदम नहीं उठाता, हम आवाज उठाते रहेंगे।’ भारत ने गत 9 मई को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बोर्ड बैठक में भी पाकिस्तान द्वारा प्रस्तुत नए ऋण प्रस्ताव का भी विरोध किया था हालांकि आईएमएफ ने उसे एक अरब डॉलर का ऋण मंजूर कर दिया था क्योंकि पाकिस्तान सभी तकनीकी जरूरतों को पूरा कर रहा था।

Advertisement
First Published - May 23, 2025 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement