देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों ने ATF कीमतों की वजह से विमानन उद्योग के ‘अत्यधिक दबाव’ में होने का जिक्र करते हुए कहा है कि तत्काल राहत नहीं दिए जाने पर ऑपरेशन ठप होने की भी स्थिति बन सकती है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागर विमानन मंत्रालय को पत्र लिखकर विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों, टैक्स में राहत और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए समान मूल्य निर्धारण व्यवस्था की बहाली की मांग की है।
एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट की भागीदारी वाले इस संगठन ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जबकि कई क्षेत्रों में हवाई क्षेत्र पाबंदियों ने परिचालन लागत और बढ़ा दी है। विमानन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च का लगभग 40 फीसदी हिस्सा ATF का ही होता है।
Also Read: Maruti Suzuki Q4 Results: मुनाफा 6.5% घटा, कमाई बढ़कर ₹52462 करोड़; निवेशकों को ₹140 डिविडेंड का तोहफा
FIA ने 26 अप्रैल को लिखे पत्र में कहा, “किसी भी प्रकार के तदर्थ मूल्य निर्धारण (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय के बीच) या ATF की कीमतों में अनुचित वृद्धि से एयरलाइंस को भारी नुकसान होगा और विमान खड़ा करने की नौबत आ सकती है, जिससे उड़ानें रद्द करनी पड़ेंगी।”
एयरलाइंस ने ATF पर 11 फीसदी उत्पाद शुल्क को अस्थायी रूप से स्थगित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि ईंधन की बढ़ी कीमतों और रुपये में गिरावट के कारण लागत और अधिक बढ़ गई है। एयरलाइंस संगठन के मुताबिक, सरकार ने पिछले महीने घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ कीमतों में बढ़ोतरी को 15 रुपये प्रति लीटर तक सीमित किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए कीमतों में 73 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो गई। इससे वैश्विक उड़ानों पर गंभीर असर पड़ा है और अप्रैल में भारी नुकसान हुआ है।
FIA के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संचालन के बीच असंतुलन पैदा कर दिया है, जिससे पूरा नेटवर्क अव्यावहारिक और अस्थिर हो गया है। एयरलाइंस ने चेतावनी दी है कि मौजूदा मूल्य ढांचा यदि जारी रहा तो घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों का संचालन असंभव हो जाएगा और उद्योग गंभीर संकट में पहुंच सकता है।
(PTI इनपुट के साथ)