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भारत सरकार ने Moody’s के दावों को किया खारिज, कहा- Aadhaar दुनिया की सबसे भरोसेमंद डिजिटल आईडी

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UIDAI ने मूडीज द्वारा आधार कार्ड को लेकर सभी दावों को निराधार बताया और कहा कि आधार दुनिया की सबसे भरोसेमंद डिजिटल आईडी है।

Last Updated- September 26, 2023 | 11:26 AM IST
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भारत सरकार ने इंटरनेशनल क्रेडिट रैंकिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) की आधार (Aadhaar) को लेकर किए गए सभी दावों को खारिज कर दिया है। यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) ने सोमवार को बयान में कहा मूडीज ने बिना किसी सबूत दिए बिना ही आधार के खिलाफ बड़े-बड़े दावे कर दिए है।

UIDAI ने मूडीज द्वारा आधार कार्ड को लेकर सभी दावों को निराधार बताया और कहा कि आधार दुनिया की सबसे भरोसेमंद डिजिटल आईडी है।

सरकार की तरफ से दिए गए बयान में कहा कि पिछले एक दशक में, एक अरब से अधिक भारतीयों ने 100 अरब से अधिक बार खुद को प्रमाणित करने के लिए आधार का उपयोग करके उस पर अपना भरोसा व्यक्त किया है।

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Moody’s ने रिपोर्ट में क्या दावे किए?

इंटरनेशनल क्रेडिट रैंकिंग एजेंसी मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि आधार सिस्टम में गड़बड़ियां हैं, जिसकी वजह से आधार का बॉयोमेट्रिक उन जगहों पर काम नहीं करता, जहां का मौसम या क्लाइमेट गर्म है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि बायोमेट्रिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के चलते भारत में मजदूरों को सेवा से वंचित कर दिया जाता है। एजेंसी ने इसके लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) का एक संदर्भ दिया।

Moody’s के इस दावे पर सरकार ने बयान में कहा कि रिपोर्ट जारी करने वाले को इसकी जानकारी नहीं है कि मनरेगा डाटाबेस में आधार सीडिंग मजदूरों को उनके बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल करके प्रमाणित करने की जरूरत के बिना की गई है।

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सरकार ने कहा कि मनरेगा के तहत श्रमिकों को भुगतान भी सीधे पैसे जमा करके किया जाता है।

सरकार ने मूडीज की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में किसी डेटा या रिसर्च का हवाला नहीं दिया है और न ही तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया है। साथ ही रिपोर्ट में आधार की संख्या की जानकारी तक गलत दी है। बता दें कि रिपोर्ट में आधारों की संख्या 1.2 बिलियन बताई गई है। जबकि UIDAI की वेबसाइट प्रमुखता से आधार संख्याएं देती है।

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First Published - September 26, 2023 | 10:05 AM IST

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