facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

रेलवे को निजी क्षेत्र से वैगन खरीदने में आ रहीं कई दिक्कतें, पहियों की कमी व आयात निर्भरता बड़ी चुनौती

Advertisement

रेल मंत्रालय जुलाई तक निजी और सार्वजनिक क्षेत्र से करीब 6,700 वैगन की खरीद कर पाया है, यह उसके चार महीनों के लक्ष्य 12,000 वैगन से 5,300 वैगन कम है

Last Updated- September 15, 2025 | 10:37 PM IST
Indian Railway
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय रेल को वैगन के लिए पहियों के निर्माण में आ रही दिक्कतों के दौर में निजी क्षेत्र से वैगन खरीदने में निरंतर दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। यह जानकारी इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने दी।

रेल मंत्रालय जुलाई तक निजी और सार्वजनिक क्षेत्र से करीब 6,700 वैगन की खरीद कर पाया है। यह उसके चार महीनों के लक्ष्य 12,000 वैगन से 5,300 वैगन कम है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे के वर्कशॉप और घरेलू उद्योग के अनुसार मंत्रालय अपने लक्ष्य से 40 प्रतिशत कम है।

हालांकि निजी कंपनियों पर वैगन के निर्माण की जिम्मेदारी है लेकिन वैगन के लिए पहिये रेल व्हील फैक्टरी (आरडब्ल्यूएफ) बेंगलूरु सहित रेलवे की उत्पादन इकाइयां ही मुहैया करवाती हैं।

कोलकाता मुख्यालय वाली रोलिंग स्टॉक निर्माता कंपनी टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग के उपाध्यक्ष इंद्रजीत मुखर्जी ने बताया, ‘उद्योग अतीत में बमुश्किल वैगन का उत्पादन कर पाया था। इसका कारण यह था कि पहियों की घरेलू आपूर्ति कम होना और चीन से केवल निजी वैगन के लिए ही पहियों के सेट्स की आपूर्ति होना है।

अब आयात की अनुमति और पहियों की आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल होने के कारण स्थिति सामान्य हो गई है। लिहाजा हम निश्चित रूप से कमी को पूरा कर सकते हैं।’ हालांकि यह अस्थायी इंतजाम इस साल की शुरुआत में किए गए हैं। दरअसल नैशनल ट्रांसपोर्टर ने इस उद्योग को उत्पादन के गिरावट से बचाने के लिए चीन से एक्सल के आयात की अनुमति दे दी थी।    टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग के उपाध्यक्ष मुखर्जी ने बताया, ‘चीन से कुछ समय से आपूर्ति सुस्त थी और इससे कलपुर्जों की उपलब्धता की समस्या पैदा हो गई। इसके अलावा इस दौरान घरेलू उत्पादन भी सुस्त हो गया था।’ इस सिलसिले में रेल मंत्रालय को सवाल भेजे गए थे लेकिन खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं मिला था।

Advertisement
First Published - September 15, 2025 | 10:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement