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केजरीवाल की जमानत का मामला, फैसला सुरक्षित रखना असामान्य

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पीठ ने कहा, ‘सामान्यत: रोक लगाने की अर्जी पर फैसला सुरक्षित नहीं रखा जाता। उन्हें सुनवाई के दौरान मौके पर ही सुना दिया जाता है।

Last Updated- June 24, 2024 | 10:36 PM IST
केजरीवाल की जमानत का मामला, फैसला सुरक्षित रखना असामान्य, Kejriwal's bail case, keeping the decision reserved is unusual

उच्चतम न्यायालय ने कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने के निचली अदालत के फैसले पर उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम रोक लगाते हुए फैसला सुरक्षित रखने की कार्रवाई को सोमवार को ‘असामान्य’ करार दिया।

न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी के अवकाशकालीन पीठ ने ईडी की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखते समय उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई अंतरिम रोक के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई के लिए 26 जून की तारीख तय की है।

पीठ ने कहा, ‘सामान्यत: रोक लगाने की अर्जी पर फैसला सुरक्षित नहीं रखा जाता। उन्हें सुनवाई के दौरान मौके पर ही सुना दिया जाता है। इसलिए, यह थोड़ा असामान्य है।’ पीठ ने कहा कि वह आप के राष्ट्रीय संयोजक की अपील पर फैसला करने से पहले उच्च न्यायालय के आदेश का इंतजार करना चाहेगी।

जमानत पर कल फैसला सुनाएगा उच्च न्यायालय

दिल्ली उच्च न्यायालय प्रवर्तन निदेशालय की उस याचिका पर अपना फैसला मंगलवार को सुनाएगा जिसमें कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने के निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा फैसला मंगलवार को दोपहर बाद 2:30 बजे सुनाया जाना निर्धारित है।

केजरीवाल धन शोधन मामले में संलिप्त हैं: ईडी

ईडी ने ईडी ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने का निचली अदालत का आदेश ‘विकृत’ निष्कर्षों पर आधारित है।

ईडी ने उच्च न्यायालय से कहा कि निचली अदालत ने कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धनशोधन के अपराध में केजरीवाल की ‘पूर्ण रूप से संलिप्तता’ को प्रदर्शित करने वाली सामग्री पर विचार नहीं किया। ईडी ने दायर हलफनामे में तर्क दिया कि आदेश में ‘क्षेत्राधिकार संबंधी दोष’ है, क्योंकि उसे अपना पक्ष रखने के लिए उचित अवसर नहीं दिया गया।

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First Published - June 24, 2024 | 10:36 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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