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वायु प्रदूषण के कारण पता करना होगा आसान, लॉन्च होगी सुपर साइट व मोबाइल वैन

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Last Updated- January 29, 2023 | 8:26 PM IST
Delhi

दिल्ली में प्रदूषण के कारणों का पता लगाना अब आसान हो सकता है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने रियल टाइम सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी (Real-time Source Apportionment study) कराई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी संदर्भ में 30 जनवरी को रियल टाइम सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी की सुपरसाइट और मोबाइल वैन को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा लॉन्च किया जाएगा। यह सुपरसाइट दिल्ली के राउज एवेन्यू के सर्वोदय बाल विद्यालय में स्थापित की गई है।

रियल-टाइम सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी दिल्ली में किसी भी स्थान पर वायु प्रदूषण में वृद्धि के लिए जिम्मेदार कारकों की पहचान करने में मदद करेगी। यह परियोजना दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा IIT कानपुर, IIT दिल्ली और The Energy & Resources Institute (TERI) के सहयोग से शुरू की गई है।

प्रदूषण स्तर का पूर्वानुमान लगाने में मिलेगी मदद

पर्यावरण मंत्री राय ने कहा कि सुपरसाइट की शुरुआत प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली की लड़ाई के प्रमुख घटकों में से एक है। सुपरसाइट डेटा के आधार पर वायु प्रदूषण के स्तर का पूर्वानुमान लगाने में भी मदद करेगा। ये पूर्वानुमान दिल्ली सरकार को प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने और प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संसाधन आवंटित करने में सक्षम बनाएगी।

राय ने बताया कि इस तरह की परियोजना से दिल्ली वायु प्रदूषण का वास्तविक समय पर स्रोत की पहचान करने वाला देश का पहला शहर बनेगा। रियल-टाइम सोर्स अपोर्शनमेंट परियोजना दिल्ली में किसी भी स्थान पर वायु प्रदूषण में वृद्धि के लिए जिम्मेदार कारकों की पहचान करने में मदद करेगी।

यह भी पढ़ें: Delhi में लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, सड़क पर दौड़ेंगे 1,500 ई-स्कूटर

साथ ही यह वाहन, धूल, बायोमास जलने, पराली जलाने और उद्योग उत्सर्जन जैसे विभिन्न प्रदूषण स्रोतों के वास्तविक समय के प्रभाव को समझने में भी मदद करेगी। इस स्टडी के परिणामों के आधार पर दिल्ली सरकार प्रदूषण के स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकेगी। जिससे दिल्ली में प्रदूषण के विभिन्न कारकों की पहचान करने और उनको दूर करने में मदद मिलेगी। प्रदूषण पूर्वानुमान प्राप्त होने से सरकार को नीतिगत निर्णय लेने में भी सहायता होगी।

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First Published - January 29, 2023 | 8:07 PM IST

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