प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जेवर अंतरर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का शनिवार को उद्घाटन करेंगे। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से हर साल सात करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे जबकि इसकी क्षमता 10 लाख टन कार्गो हैंडलिंग की होगी। इस एयरपोर्ट के संचालन से दिल्ली का दबाव कम होगा और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए विदेशों में माल भेजना आसान हो जाएगा।
औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बड़ी कार्गो हैंडलिंग क्षमता के साथ यह एयरपोर्ट प्रदेश के कृषि, एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति देगा। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर, आगरा, मथुरा, वृंदावन और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों को वैश्विक पर्यटन सर्किट से जोड़ेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते धार्मिक पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और बिजनेस ट्रैवल को भी नई गति मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट के विकास के साथ उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट और औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) तेजी से प्रीमियम निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेंगे, वहीं बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा-वृंदावन तक अर्बन एक्सपेंशन कॉरिडोर विकसित होकर नए शहरों और टाउनशिप को जन्म देगा।
एयरपोर्ट के आसपास होटल, वेयरहाउस, ऑफिस स्पेस, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर में बड़े निवेश आकर्षित होंगे। इससे रोजगार व व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल विनिर्माण, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे निर्यात-उन्मुख उद्योगों को नई गति मिलेगी, जो इस क्षेत्र को मजबूत इंडस्ट्रियल और एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करेगा।