facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

नकली और घटिया दवाओं को वैध निर्माताओं के साथ जोड़ने से प्रतिष्ठा, वित्त पर गंभीर असर: IPA

Advertisement

आईपीए के महासचिव सुदर्शन जैन ने एक बयान में कहा, ''नकली दवाओं का निर्माण एक गंभीर आपराधिक अपराध है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है।'

Last Updated- September 29, 2024 | 4:54 PM IST
Empagliflozin

भारतीय औषधि गठबंधन (आईपीए) ने कहा है कि नकली उत्पादों को वैध विनिर्माताओं के साथ जोड़ने से उनकी प्रतिष्ठा और वित्त पर गंभीर असर पड़ता है। आईपीए ने साथ ही जोड़ा कि नकली और घटिया दवाओं के बीच स्पष्ट अंतर करने की जरूरत है।

उद्योग निकाय का यह बयान केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की हाल की रिपोर्ट के बीच आया है। इस रिपोर्ट में 50 से अधिक उत्पादों को मानक गुणवत्ता (एनएसक्यू) के अनुरूप नहीं बताया गया है।

सन फार्मा, टोरेंट फार्मा, एल्केम लैबोरेटरीज और ग्लेनमार्क सहित विभिन्न दवा कंपनियों ने केंद्रीय औषधि नियामक प्राधिकरण की रिपोर्ट में चिह्नित दवाओं को नकली बताया और कहा कि इन दवाओं को उन्होंने नहीं बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके उत्पाद गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं।

आईपीए के महासचिव सुदर्शन जैन ने एक बयान में कहा, ”नकली दवाओं का निर्माण एक गंभीर आपराधिक अपराध है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है। नकली उत्पादों को वैध निर्माताओं के साथ जोड़ने से उनकी प्रतिष्ठा और वित्त को रूप से गंभीर नुकसान होता है।”

उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर दवाओं के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचता है।

जैन ने कहा कि आईपीए समग्र प्रणाली को मजबूत करने और नकली दवाओं के खिलाफ सख्त उपाय शुरू करने के लिए सरकार के साथ काम करना जारी रखेगा।

Advertisement
First Published - September 29, 2024 | 4:54 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement