facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Lung Cancer Treatment: फेफड़ों के कैंसर के मरीजों के लिए नई उम्मीद, CRSF ने शुरू किया लंग्स अलायंस

Advertisement

लैंसेट रीजनल हेल्थ के एक अध्ययन के मुताबिक देश में हर साल 72,510 नए फेफड़ों के कैंसर के मरीज मिलते हैं और 66,279 लोग इस गंभीर से बीमारी से हार जाते हैं।

Last Updated- March 31, 2025 | 11:26 PM IST
Cancer
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pexels

देश भर में फेफड़ों के कैंसर वाले मरीजों के लिए निःशुल्क नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस) के लिए कैंसर रिसर्च ऐंड स्टैटिस्टिक फाउंडेशन (सीआरएसएफ) ने लंग्स अलायंस शुरू किया है। एस्ट्राजेनेका, फाइजर और रॉश जैसी दवा कंपनियों की मदद से की जा रही इस पहल के लिए आधिकारिक लैब पार्टनर फोरबेस केयर है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य फेफड़ों के कैंसर मरीजों में ठीक की जा सकने वाली जेनेटिक म्यूटेशन की पहचान कर कैंसर के लक्षित उपचार तक पहुंच बढ़ाना है।

फेफड़ों का कैंसर भारत में कैंसर के सबसे खतरनाक स्वरूप में से एक है। लैंसेट रीजनल हेल्थ के एक अध्ययन के मुताबिक देश में हर साल 72,510 नए फेफड़ों के कैंसर के मरीज मिलते हैं और 66,279 लोग इस गंभीर से बीमारी से हार जाते हैं और उनकी जान चली जाती है। मृत्यु की इतनी अधिक दर से पता चलता है कि देश में पारंपरिक उपचारों के बजाय व्यक्तिगत उपचार की जरूरत है।

सीआरएसएफ के डॉ. कुमार प्रभाष ने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि भारत में फेफड़े के कैंसर के रोगियों को प्रभावी और लक्षित उपचार मिले। सटीक ऑन्कोलॉजी के साथ हमारा लक्ष्य जीवन रक्षक नवाचारों को सुलभ बनाना और देश भर में कैंसर देखभाल को बदलना है।’

Advertisement
First Published - March 31, 2025 | 11:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement