facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

मध्य प्रदेश बनेगा महत्वपूर्ण खनिजों का केंद्र, चीन पर निर्भरता घटाने में करेगा मदद : मोहन यादव

Advertisement

सिंगरौली में हुई खोज भारत को इस आयात निर्भरता से मुक्त करेगी और उसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान दिलाने वाली साबित हो सकती है।

Last Updated- August 19, 2025 | 9:18 PM IST
Mohan Yadav

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण खनिजों का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख खनिज केंद्र और ऊर्जा राजधानी सिंगरौली दुर्लभ तत्वों (रेयर अर्थ एलिमेंट्स यानी आरईई) का एक समृद्ध भंडार है, जो राज्य के विशाल खनिज भंडार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस विशाल खनिज संपदा के साथ, मध्य प्रदेश भारत को चीन जैसे देशों पर निर्भरता से मुक्त करने में मदद करेगा और भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

इससे पहले कोयला और खनन मामलों के केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संसद में जानकारी दी थी कि भारत में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का भंडार पाया गया है। यह उपलब्धि भारत को हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

Also Read: GST 2.0 से टैक्स रेट घटने की उम्मीद, लॉन्ग टर्म में रेवेन्यू को मिलेगा बूस्ट: S&P Global

कम होगी चीन पर निर्भरता

आधुनिक तकनीकों में प्रयोग किए जाने वाले इन तत्वों के लिए भारत अब तक चीन और अन्य देशों पर निर्भर था। सिंगरौली में हुई खोज भारत को इस आयात निर्भरता से मुक्त करेगी और उसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान दिलाने वाली साबित हो सकती है। आने वाले वर्षों में यह खोज न केवल ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पहल को आगे बढ़ाएगी, बल्कि औद्योगिक विकास को भी गति देगी।

उल्लेखनीय है कि कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा किए गए एक अध्ययन में सिंगरौली की कोयला खदानों और चट्टानों में स्कैंडियम, यिट्रियम जैसे आरईई की मौजूदगी पाई गई है। इस खोज की आधिकारिक घोषणा जुलाई 2025 में की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में कोयला राख और ओवरबर्डन भी महत्वपूर्ण खनिजों के द्वितीयक स्रोत बन सकते हैं।

Also Read: MP: अमेरिकी टैरिफ का सीमित असर, नए बाजार तलाशने की तैयारी में एमपी उद्योग

IREL के साथ सहयोग

दुर्लभ पृथ्वी तत्वों की खोज को देखते हुए राज्य सरकार अब इनके प्रसंस्करण, अनुसंधान और अन्वेषण के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर कार्य कर रही है। हाल ही में खनिज संसाधन विभाग के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय दुर्लभ पृथ्वी लिमिटेड (IREL) की भोपाल इकाई का दौरा किया और संभावित सहयोग पर चर्चा की। विभाग एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की संभावना भी तलाश रहा है, जो अनुसंधान, प्रशिक्षण और उद्योग के लिए विश्व स्तरीय मंच प्रदान करेगा।

Advertisement
First Published - August 19, 2025 | 9:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement