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NABARD का फोकस एग्री प्रोसेसिंग और रूरल MSME पर, मध्य प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज को मिलेगी प्राथमिकता

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मध्य प्रदेश में हम कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग पर ध्यान दे रहे हैं। क्योंकि फलों और सब्जियों के कुल उत्पादन का करीब 30 फीसदी बेकार हो जाता है

Last Updated- January 30, 2026 | 8:16 PM IST
C. Saraswati, CGM, NABARD, Madhya Pradesh

नाबार्ड की राज्य ऋण संगोष्ठी के अवसर पर नाबार्ड मध्य प्रदेश की सीजीएम सी. सरस्वती के साथ संदीप कुमार की बातचीत

प्रश्न: नाबार्ड की मौजूदा ऋण नीति में ग्रामीण एमएसएमई और एग्री स्टार्टअप्स के लिए क्या कुछ है?

उत्तर- एग्री स्टार्टअप्स के लिए क्षेत्रीय स्तर पर अभी मध्य प्रदेश के लिए कोई नई पहल नहीं है। लेकिन हमारा मुख्यालय अपनी सब्सिडरी नैबवेंचर्स के माध्यम से इस दिशा में काफी काम कर रहा है। मध्य प्रदेश में हम कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग पर ध्यान दे रहे हैं। क्योंकि फलों और सब्जियों के कुल उत्पादन का करीब 30 फीसदी बेकार हो जाता है। हमारा ध्यान मध्य प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चैन को सहायता देने पर केंद्रित है।

यहां स्टोरेज तो है लेकिन कोल्ड स्टोरेज की कमी है। उसका विकास होने से एग्री प्रोसेसिंग बेहतर होगी और किसानों की फसल प्रिजर्व होने के साथ-साथ उन्हें बेहतर कीमत भी मिलेगी। खेती के क्षेत्र में हम नए प्रयोगों को हमेशा बढ़ावा देते हैं। जैसे कि इस समय हम आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) के जरिये खेती या स्मार्ट खेती पर जोर दे रहे हैं।

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प्रश्न: मध्य प्रदेश में ट्राइबल डेवलपमेंट के लिए नाबार्ड की पहल और योजनाओं बारे में कुछ बताइए।

उत्तर- मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में नाबार्ड ट्राइबल डेवलपमेंट के लिए कई परियोजनाएं चला रहा है। इन प्रोजेक्ट्स के लिए हम टाई अप के जरिये ये प्रयास करते हैं कि आदिवासी समुदाय अपने उत्पाद सीधे किसी बड़े खरीदार को बेच सकें और उनका स्थायी संपर्क या लिंकेज कायम करने में नाबार्ड उनकी मदद कर सके।

प्रश्न: ग्रामीण ऋण को लेकर आगामी चार-पांच सालों में नाबार्ड किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने वाला है?

उत्तर- कृषि और एमएसएमई क्षेत्र हमेशा से नाबार्ड की प्राथमिकता में रहा है। इसके साथ ही हम कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण, कोल्ड स्टोरेज तैयार करने बागवानी, जल संसाधन आदि के क्षेत्र में और अधिक काम करने की योजना बना रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नाबार्ड मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में एमएसएमई के विकास पर बहुत अधिक ध्यान दे रहा है।

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प्रश्न: क्या जलवायु परिवर्तन को लेकर नाबार्ड मध्य प्रदेश में कोई नई पहल कर रहा है?

उत्तर- जलवायु परिवर्तन को लेकर नाबार्ड की कई योजनाएं पाइपलाइन में हैं लेकिन मध्य प्रदेश में इसे लेकर कोई योजना फिलहाल सामने नहीं है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए नाबार्ड ने क्रेडिट प्रॉडक्ट तैयार किए हैं लेकिन लेकिन मध्य प्रदेश को लेकर कोई विशेष प्रॉडक्ट हमने अब तक नहीं है। हां, भविष्य में जरूर हम ऐसे प्रॉडक्ट लेकर आएंगे।

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First Published - January 30, 2026 | 8:16 PM IST

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