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Majhi Ladki Bahin Yojana: महिलाओं की स्कीम में 12 हजार पुरुषों को मिला फायदा! चौंकाने वाला खुलासा

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आरटीआई से खुलासा - महाराष्ट्र सरकार की महिला कल्याण योजना में 12,431 पुरुषों और 77,980 महिलाओं को गलत भुगतान, ₹164 करोड़ से ज्यादा की राशि गलत खातों में गई।

Last Updated- October 22, 2025 | 2:20 PM IST
Majhi Ladki Bahin Yojana

महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना (Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana) में बड़ा घोटाला सामने आया है। आरटीआई (RTI) के जरिए मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत कम से कम 12,431 पुरुषों को गलती से लाभ दिया गया, जबकि यह योजना केवल महिलाओं के लिए है।

यह योजना 21 से 65 साल की महिलाओं के लिए है, जिनके परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख रुपये से कम है। पात्र महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने ₹1,500 रुपये दिए जाते हैं।

कितने लोगों को गलत तरीके से मिला फायदा?

इस योजना को चलाने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD Department) ने बताया कि जांच में सामने आया कि 12,431 पुरुषों और 77,980 महिलाओं को गलती से यह लाभ मिला। इन सभी को अब लाभार्थी लिस्ट से हटा दिया गया है।

आरटीआई में खुलासा हुआ कि पुरुषों को औसतन 13 महीने तक और महिलाओं को 12 महीने तक हर महीने ₹1,500 रुपये दिए गए। यानी पुरुषों को लगभग ₹24.24 करोड़ और महिलाओं को लगभग ₹140.28 करोड़, कुल मिलाकर ₹164.52 करोड़ रुपये से ज्यादा का गलत भुगतान हुआ।

फिलहाल इस योजना के तहत करीब 2.41 करोड़ महिलाएं लाभ ले रही हैं, जिस पर राज्य सरकार को हर महीने लगभग ₹3,700 करोड़ रुपये का खर्च आता है।

सरकारी कर्मचारी भी शामिल

एक और आरटीआई जवाब में विभाग ने माना कि कम से कम 2,400 सरकारी कर्मचारियों, जिनमें कुछ पुरुष भी शामिल हैं, ने भी गलत तरीके से इस योजना का लाभ उठाया। विभाग ने बताया कि ऐसे लोगों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि अब तक किसी के खिलाफ वसूली या सजा की कार्रवाई नहीं हुई है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि ये गड़बड़ी तो “हिमखंड का सिरा (Tip of the iceberg)” मात्र है। अधिकारी ने बताया, “हम अभी यह गणना कर रहे हैं कि कुल कितना पैसा गलत खातों में गया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, आंकड़े और बढ़ सकते हैं।”

अधिकारियों के मुताबिक, जून से जुलाई 2025 के बीच लगभग 26.34 लाख संदिग्ध खातों के भुगतान पर रोक लगा दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह गड़बड़ी योजना के शुरू होने के समय जांच और सत्यापन प्रक्रिया में कमी के कारण हुई।

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First Published - October 22, 2025 | 2:05 PM IST

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