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Maharashtra Politics: सबकी पसंद अजीत दादा पर राजनीतिक अटकलों का बाजार गरम, जानिये क्या है माजरा

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Last Updated- April 18, 2023 | 8:07 PM IST
Pakistani-Canadian writer Tariq Fatah passes away

महाराष्ट्र की राजनीति में सबकी चाहत में बने रहने वाले अजीत पवार को लेकर सियासी अटकलों का बाजार लगातार गरम है। अजीत पवार के भाजपा में शामिल होने की अटकलें हर दिन तेज हो रही है हालांकि पवार इन अटकलों को खारिज करते हुए कहते हैं कि हम सब एनसीपी के है और उसी में रहेंगे। कुछ लोग गलत खबर फैला रहे है।

शरद पवार अपनी पार्टी में किसी तरह की फूट से इंकार कर रहे हैं तो सुप्रिया सुले और संजय राउत के बयान संकेत करते हैं कि सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने मंगलवार को कहा कि मैं जब तक जीवित रहूंगा, राकांपा के लिए काम करता रहूंगा। राकांपा ने महा विकास आघाडी को मजबूत करने का फैसला किया है और गठबंधन ने कई रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई है जिनमें विभिन्न मुद्दों पर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को निशाना बनाया जाएगा। महागठबंधन मे शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राकांपा और कांग्रेस शामिल हैं। हम एक परिवार के रूप में काम कर रहे हैं और ऐसा करते रहेंगे।

पवार ने कहा कि कुछ लोग गलत खबर फैला रहे है। ऐसी खबरों से कार्यकर्ताओं में गलत मैसेज जाता है। मैं उन सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि इस ओर ध्यान न दें। यह खबर जानबूझकर फैलाई जा रही है। यह सब मुद्दों को डायवर्ट करने का काम किया जा रहा है। किसानों के मुद्दे हैं। बिन मौसम बरसात की वजह से नुकसान के कई ऐसे मामले हैं। जिनसे सरकार ध्यान भटकाना चाह रही है। प्याज किसानों की हालत खराब है सरकार का इन सभी पर ध्यान नहीं है।

राकांपा के प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार के भावी राजनीतिक कदम के बारे में फैली अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी विधायकों की किसी ने कोई बैठक नहीं बुलाई है। मीडिया के दिमाग में जो चर्चा चल रही है, वह हमारे दिमाग में नहीं चल रही। मैं राकांपा और अपने सभी साथियों के बारे में यह कह सकता हूं कि हमारी बस एक सोच है कि पार्टी को मजबूत बनाया जाए और किसी के मन में कोई और विचार नहीं है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल अपने क्षेत्र में स्थानीय चुनाव में व्यस्त हैं और पार्टी नेता अजित पवार भी पार्टी के काम में व्यस्त हैं और सभी को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

सुप्रिया सुले ने कहा कि अजित पवार नाराज नहीं हैं। संभाजीनगर में महाविकास अघाड़ी की रैली में जयंत पाटिल का भाषण नहीं हुआ। इसका मतलब यह तो नहीं हुआ न कि वह नाराज हैं। यह पहले से ही तय था कि हर रैली में दो नेता ही भाषण देंगे। इसी तरह से यह भी अफवाह है कि अजित पवार नाराज हैं। उन्हीं पेड़ों पर पत्थर मारे जाते हैं, जिनमें ज्यादा फल लगे होते हैं। सुप्रिया सुले ने कहा कि हर काम करने वाला शख्स अजित दादा को जो चाहेगा ही।

अजित पवार के अगले राजनीतिक कदम को लेकर अफवाह पिछले हफ्ते तब शुरू हुई थीं जब उन्होंने अचानक अपनी पूर्व-निर्धारित बैठकें रद्द कर दीं और ऐसी टिप्पणियां की जिन्हें भाजपा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे के प्रति उनके रुख में नरमी माना गया।

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने रविवार को अफवाहों को यह कहकर और हवा दे दी कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने हाल ही में उद्धव ठाकरे से कहा था कि उनकी पार्टी कभी भी भाजपा से हाथ नहीं मिलाएगी, भले ही कोई व्यक्तिगत स्तर पर ऐसा निर्णय क्यों न ले।

अजित पवार ने राउत का नाम लिए बिना मंगलवार को उनकी आलोचना की और कहा कि अन्य दलों के प्रवक्ता ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे वे राकांपा के प्रवक्ता हों। जब भी पार्टी की बैठक होगी, वह इस मुद्दे को उठाएंगे। किसी को नहीं मालूम है कि यह अधिकार उन्हें किसने दिया है। आप जिस पार्टी के प्रवक्ता हैं, आप उसके बारे में बोलें। आप अपनी पार्टी के मुखपत्र के बारे में बोलें। हम अपना रुख स्पष्ट करने में सक्षम हैं। अजित पवार ने कहा कि हमारी पार्टी के प्रवक्ता, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नेता पार्टी के रुख को स्पष्ट करने में सक्षम हैं।

वर्ष 2019 के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन था और शिवसेना (अविभाजित) ने सहयोगी भाजपा से नाता तोड़ लिया था। उसके बाद अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस से हाथ मिला लिया और सरकार बनाई जिसमें फडणवीस मुख्यमंत्री थे वहीं अजित पवार उपमुख्यमंत्री बने। हालांकि वह सरकार मात्र 80 घंटे ही रह सकी।

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First Published - April 18, 2023 | 8:07 PM IST

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