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महाराष्ट्र ने स्थापित किया नया रिकॉर्ड! 3.16 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते, हजारों लोगों को मिलेगी नौकरी

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Maharashtra Investment : हाल ही में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक सम्मेलन में राज्य सरकार ने विभिन्न उद्योगों के साथ 3.53 लाख करोड़ के निवेश समझौते किये थे।

Last Updated- January 30, 2024 | 4:18 PM IST
Maharashtra

निवेश के नए रिकॉर्ड स्थापित करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 3. लाख 16 हजार, 300 करोड़ रुपये के निवेश समझौते किये। सरकार की तरफ से दावा किया गया कि इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 84 लाख रोजगार के अवसर पैदा होगें।

हरित हाइड्रोजन समय की मांग है और उसके लिए महाराष्ट्र में 2 लाख 76 हजार 300 करोड़ रुपये के वित्तीय निवेश वाली सात परियोजनाओं के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इससे 64 हजार रोजगार पैदा होंगे।

विभिन्न कंपनियों के साथ किये गए निवेश करार ने एक ही दिन में निवेश समझौते का नया रिकॉर्ड कायम किया है। हाल ही में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक सम्मेलन में राज्य सरकार ने विभिन्न उद्योगों के साथ 3.53 लाख करोड़ के निवेश समझौते किये थे।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि केंद्र सरकार के ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2023 प्रकाशित की है। इसका लक्ष्य 2030 तक 500 केटीपीए हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। इसके लिए राज्य सरकार ने हरित हाइड्रोजन डेवलपर्स को विभिन्न सब्सिडी रियायतों की पेशकश की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में आवश्यक बुनियादी ढांचे और कुशल मनुष्य बल होने के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र को हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र में अग्रणी बनाना है।

हरित हाइड्रोजन नीति बनाने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कहा कि हरित हाइड्रोजन को लेकर प्रभावशाली नीति बनाने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक डीकार्बोनाइज का लक्ष्य रखा है। उसके तहत काम चल रहा है और ग्रीन हाइड्रोजन एक ऐसी तकनीक है जिससे पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखते हुए ऊर्जा उत्पादन करना संभव हो सकेगा।

राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नीति में आवश्यक बदलाव का सुझाव दिया जाए। महाराष्ट्र हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में पथदर्शी राज्य बने, इसके लिए किए गए एमओयू सफलतापूर्वक कार्यान्वित होंगे।

इस एमओयू के जरिए महाराष्ट्र में एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी, अवादा ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यू ई-फ्यूल्स, आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स, एल.एन.टी. ग्रीन टेक, जे. एस. डब्ल्यू ग्रीन हाइड्रोजन, वेलस्पन गोदावरी जीएच 2 इन सात परियोजनाओं की क्षमता 910 केटीपीए (किलो टम एनम) है, इससे 64 हजार रोजगार उपलब्ध होंगे और 511 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम होगा। इससे लगभग 4,732 केटीपीए हरित अमोनिया के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

एनटीपीसी और महाराष्ट्र सरकार के बीच समझौता

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) ने महाराष्ट्र में हरित हाइड्रोजन परियोजनाएं विकसित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

एनजीईएल की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, अगले पांच वर्षों में राज्य सरकार की हरित निवेश योजना के एक हिस्से के रूप में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसमें 80,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश की परिकल्पना की गई है। एनजीईएल एनटीपीसी की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। इसकी परिचालन क्षमता 3.4 गीगावॉट से अधिक है।

निप्पॉन स्टील के साथ 40 हजार करोड़ सामंजस्य करार

दावोस में एमओयू के बाद आज महाराष्ट्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास को गति देने के लिए छह एमटीपीए क्षमता के एकीकृत इस्पात परियोजना स्थापित करने के लिए आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया कंपनी के साथ 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हाल ही में दावोस में उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल ने मुख्यमंत्री शिंदे से मुलाकात की थी।

उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि आज किया गया एमओयू एक अविस्मरणीय क्षण है। राज्य में हम आपका स्वागत करते हैं। राज्य में अनुकूल माहौल के कारण निवेश बढ़ रहा है और महाराष्ट्र में इस समय अतिविशाल मूलभूत सुविधाओं वाली परियोजनाएं का काम चल रहा हैं। देश की लगभग 35 प्रतिशत बड़ी मूलभूत सुविधाओं वाली परियोजनाएं महाराष्ट्र में चल रही हैं। यह 40 हजार करोड़ रुपये की निवेश वाली परियोजना है और इससे 20 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

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First Published - January 30, 2024 | 4:17 PM IST

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