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Maharashtra: घर खरीदारों की शिकायतों पर महारेरा सख्त, 5,267 शिकायतों का किया निपटारा  

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महारेरा की तरफ से कहा गया कि भविष्य में घर खरीदारों की किसी भी शिकायत को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों।

Last Updated- September 08, 2025 | 8:37 PM IST
Real Estate

महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (महारेरा) ने अक्टूबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच घर खरीदारों द्वारा दर्ज की गई विभिन्न समस्याओं पर 5,267 शिकायतों का निपटारा किया है। वास्तव में, जुलाई 2025 के अंत तक महारेरा में दर्ज घर खरीदारों की शिकायतों की पहली सुनवाई भी हो चुकी है या उनमें से कुछ की सुनवाई की तारीख भी तय कर दी गई हैं। वर्तमान में पूरे महाराष्ट्र में 51,481 परियोजनाएं पंजीकृत हैं, जिनमें से 5,792 के विरुद्ध मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

लंबित मामलों को सुलझाने का काम जारी

पीड़ित घर खरीदारों से प्राप्त शिकायतों पर महारेरा के अध्यक्ष मनोज सैनिक का कहना है कि घर खरीदने के लिए घर खरीदार अपने जीवन भर की जमा-पूंजी लगा देते हैं, लेकिन कई कारणों से, जैसे कि घर मिलने में देरी, घटिया निर्माण गुणवत्ता, समझौते में उल्लिखित सुविधाओं का अभाव आदि कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में, महारेरा की जिम्मेदारी है कि वह शिकायतों का समय पर संज्ञान लेकर घर खरीदारों के वैध हितों की रक्षा करे और न्याय सुनिश्चित करे। महारेरा के अध्यक्ष मनोज सैनिक और उनके सहायक महेश पाठक और रवींद्र देशपांडे की टीम को लंबे समय से लंबित कई मामलों को सुलझाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।

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अब तक 30,833 शिकायतें दर्ज

मई 2017 में महारेरा की स्थापना के बाद से अब तक 30,833 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से 23,726 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इनमें महारेरा की स्थापना से पहले की 3,523 परियोजनाओं से प्राप्त 23,661 शिकायतें और प्राधिकरण की स्थापना के बाद की 2,269 परियोजनाओं से प्राप्त 6,218 शिकायतें शामिल हैं।

महारेरा की स्थापना के बाद शुरू की गई परियोजनाओं से प्राप्त शिकायतों की संख्या 21 फीसदी है, जबकि रेरा से पहले शुरू की गई परियोजनाओं से प्राप्त शिकायतों की संख्या 79 फीसदी है। वर्तमान में, पूरे महाराष्ट्र में 51,481 परियोजनाएं पंजीकृत हैं, जिनमें से 5,792 के विरुद्ध मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

तीन चरणों में की जाती है जांच

महारेरा की तरफ से कहा गया कि भविष्य में घर खरीदारों की किसी भी शिकायत को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों। इसके लिए, परियोजना के पूरा होने में आने वाली संभावित बाधाओं को ध्यान में रखते हुए, महारेरा परियोजना पंजीकरण चरण में प्रत्येक आवेदन की कड़ाई से जांच करता है। परियोजना के पूरा होने की संभावना निर्धारित करने के लिए कानूनी, वित्तीय और तकनीकी तीन चरणों में जांच की जा रही है।

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महारेरा ने प्रत्येक चरण के लिए तीन स्वतंत्र समूह गठित किए हैं, जो प्रस्तावित परियोजनाओं के आवेदन का गहन मूल्यांकन और परीक्षण करते हैं। जो परियोजनाएं किसी भी मानदंड को पूरा नहीं करती हैं, उन्हें महारेरा पंजीकरण नहीं दिया जाता है। प्राधिकरण का उद्देश्य न केवल यह सुनिश्चित करना है कि घर खरीदारों का निवेश सुरक्षित रहे, बल्कि भविष्य में शिकायतों की संभावना को भी रोकना है।

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First Published - September 8, 2025 | 8:34 PM IST

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