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Mumbai CNG Price Hike: मुंबई में फिर महंगी हुई CNG और PNG, दो हफ्ते में दूसरी बार बढ़े गैस के दाम

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इस बदलाव के बाद, मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में सीएनजी की खुदरा कीमत 84 रुपये से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलो हो गई है

Last Updated- May 30, 2026 | 10:02 AM IST
Mahanagar Gas Limited (MGL)
मुंबई की महानगर गैस लिमिटेड (MGL) | फाइल फोटो

मुंबई और इसके आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों की जेब पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ बढ़ गया है। मुंबई की महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने सीएनजी के दामों में सीधा 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा कर दिया है। इस नई बढ़ोतरी के बाद अब मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के अन्य इलाकों में सीएनजी की कीमत 84 रुपये से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलो हो गई है। आम जनता और ट्रांसपोर्टर्स के लिए झटका इसलिए बड़ा है क्योंकि पिछले दो हफ्तों के भीतर यह दूसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले बीते 14 मई को भी कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

एमजीएल अभी मुंबई के अलावा ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, रायगढ़, रत्नागिरी, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, लातूर और उस्मानाबाद जैसे कई क्षेत्रों में सीएनजी की सप्लाई करता है। हालांकि, राहत की बात बस इतनी है कि इस बढ़ोतरी के बाद भी पेट्रोल और डीजल के मुकाबले प्रति किलोमीटर गाड़ी चलाने के खर्च के मामले में सीएनजी अब भी एक किफायती विकल्प बनी हुई है। लेकिन हाल के हफ्तों में लगातार बढ़ते ईंधन के दामों से परेशान आम परिवारों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों का बजट इस ताजा फैसले से और ज्यादा बिगड़ना तय है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी लगी आग, ये है बड़ी वजह

ईंधन की मार सिर्फ सीएनजी तक ही सीमित नहीं है। इस हफ्ते की शुरुआत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया था। पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। पिछले दो हफ्तों से भी कम समय में यह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चौथी बढ़ोतरी है। सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर लगातार घरेलू ग्राहकों पर डाल रही हैं। इस समय मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये तक पहुंच चुकी है।

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वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रही इस तेजी के पीछे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ता तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद के साथ-साथ ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। इसके अलावा, दुनिया भर में तेल सप्लाई के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के आस-पास पैदा हुई अस्थिरता ने वैश्विक बाजार को पूरी तरह प्रभावित किया है, जिससे भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया है।

PM की नागरिकों से खास अपील

ईंधन के इस वैश्विक संकट और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बेहद जरूरी अपील की है। पीएम मोदी ने नागरिकों से ईंधन का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की बात कही है। उन्होंने कंपनियों और कर्मचारियों से अपील की है कि जहां भी संभव हो, वर्क-फ्रॉम-होम (घर से काम) की व्यवस्था को अपनाएं ताकि लोग बेवजह की यात्राओं से बच सकें। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा आयात पर बढ़ता खर्च देश के विदेशी मुद्रा भंडार को प्रभावित कर सकता है, जिससे देश का चालू खाता घाटा (करेंट अकाउंट डेफिसिट) बढ़ने का खतरा है।

प्रधानमंत्री ने शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन के साधनों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने सलाह दी कि जिन लोगों को निजी गाड़ियों से ही सफर करना है, वे कारपूलिंग (एक गाड़ी में कई लोगों का सफर करना) का रास्ता अपनाएं ताकि ईंधन की खपत को कम किया जा सके।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने देश की आर्थिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए नागरिकों से एक साल तक सोना (गोल्ड) न खरीदने का भी आग्रह किया है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना आयात करने वाले देशों में से एक है और हमारी घरेलू मांग पूरी तरह विदेशी बाजार पर निर्भर है। चूंकि सोने का आयात डॉलर में किया जाता है, इसलिए भारी मात्रा में सोना खरीदने से देश के आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार पर सीधा और बड़ा दबाव पड़ता है।

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First Published - May 30, 2026 | 9:25 AM IST

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