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नवी मुंबई में 100 एकड़ में शुरू होगी सेमीकंडक्टर परियोजना, सचिन तेंदुलकर भी कर रहे हैं निवेश

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यह परियोजना एशिया की सबसे बड़ी और उन्नत फैब में से एक होगी। इसकी क्षमता हर महीने 1 लाख 25 हजार वेफर्स बनाने की होगी।

Last Updated- September 15, 2025 | 2:18 PM IST
semiconductor chips

नवी मुंबई अब सेमीकंडक्टर हब बनने की राह पर है। आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स को 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर फैब यूनिट लगाने के लिए 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। खास बात यह है कि इस मेगा परियोजना में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी निवेशक हैं। इस परियोजना की क्षमता हर महीने 1.25 लाख वेफर्स बनाने की होगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स को इस परियोजना के लिए 100 एकड़ भूमि का सहमति पत्र सौंपा। कंपनी का कहना है कि उसने दुनिया की सबसे पुरानी और स्थापित सेमीकंडक्टर कंपनियों में से एक की फैब इकाई को टेक्सास (अमेरिका) के शेरमैन से स्थानांतरित करने का फैसला किया है। यह यूनिट अब नवी मुंबई में स्थापित होगी।

यह भी पढ़ें: सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति जारी, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल गैप बड़ी चुनौती

फडणवीस ने इस मौके पर कहा कि महाराष्ट्र सरकार इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए हर स्तर पर सहयोग देगी। चाहे बुनियादी ढांचा हो, नीतिगत समर्थन या स्किल डेवलपमेंट, सरकार हर संभव मदद देने को तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे भारत को सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स ने जानकारी दी है कि इस फैब यूनिट की लागत करीब 12,035 करोड़ रुपये होगी। यह परियोजना एशिया की सबसे बड़ी और उन्नत फैब में से एक होगी। इसकी क्षमता हर महीने 1 लाख 25 हजार वेफर्स बनाने की होगी। कंपनी का लक्ष्य है कि अगले छह महीने के भीतर विनिर्माण कार्य शुरू किया जाए।

यह भी पढ़ें: सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए सरकारी प्रोत्साहन और खरीद गारंटी जरूरी

परियोजना का पहला चरण वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही तक शुरू होने की उम्मीद है। आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन राजेंद्र चोडणकर ने कहा कि यह अधिग्रहण भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह प्रोजेक्ट भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को नई पहचान देगा और युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेगा। नवी मुंबई को इससे वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मानचित्र पर जगह मिलने की पूरी संभावना है।

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First Published - September 15, 2025 | 2:18 PM IST

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