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Mango Export: बंगाल के मालदा आम के निर्यात पर असर, घरेलू बाजार में मिल रहे बेहतर दाम

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अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि विक्रेताओं को घरेलू बाजार में आकर्षक मूल्य मिल रहे हैं।

Last Updated- July 06, 2024 | 2:59 PM IST
Maharashtra government will constitute Mango Board on the lines of Cashew Board
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पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से आमों का निर्यात इस साल प्रभावित हुआ है, क्योंकि निर्यातक विदेशी खरीदारों से बेहतर कीमत हासिल करने में विफल रहे हैं।

अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि विक्रेताओं को घरेलू बाजार में आकर्षक मूल्य मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और यूएई के आयातकों ने शुरू में रुचि दिखाई थी, हालांकि कीमत पर सहमति नहीं बनने के चलते निर्यात नहीं किया जा सका।

अधिकारियों ने कहा कि दूसरी ओर विक्रेताओं को घरेलू बाजार से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और दिल्ली में एक प्रदर्शनी में लगभग 17 टन मालदा आम 100 रुपये से 150 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बिका।

कम फसल और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन के कारण थोक कीमतों में 50-80 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

मालदा के बागवानी उपनिदेशक सामंत लायेक ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”इस साल, ब्रिटेन और दुबई के खरीदारों ने निर्यात सौदे रद्द कर दिए, जिन्होंने शुरू में रुचि दिखाई थी। हम जो दाम मांग रहे थे, वे उसे पूरा नहीं कर सके।”

पश्चिम बंगाल निर्यातक समन्वय समिति के महासचिव उज्ज्वल साहा ने कहा कि पहले चरण में हिमसागर किस्म के 13 क्विंटल निर्यात के लिए कुछ प्रगति हुई थी, लेकिन आयातक बातचीत के अंतिम चरण में कीमत पर सहमत नहीं हो सके।

लायेक ने कहा कि इस साल गर्मी और बेमौसम बारिश के कारण उत्पादन में भारी गिरावट के कारण आम की कीमतें बढ़ गई हैं।

मालदा में आम की कई किस्में उपलब्ध हैं, जैसे कि फाजली, हिमसागर, लक्ष्मणभोग, लंगड़ा और आम्रपल्ली।

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First Published - July 6, 2024 | 2:59 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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