facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Mann Ki Baat: अयोध्या ने करोड़ों लोगों को एक सूत्र में बांधा- मोदी

Advertisement

PM Modi ने ‘मन की बात’ की 109वीं और इस साल की पहली कड़ी में देशवासियों से संवाद करते हुए कहा कि भगवान राम का शासन देश के संविधान निर्माताओं के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत था।

Last Updated- January 28, 2024 | 10:38 PM IST
अयोध्या ने करोड़ों लोगों को एक सूत्र में बांधा- मोदी, Mann Ki Baat: Ayodhya tied crores of people together - Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर ने देश के करोड़ों लोगों को एक सूत्र में बांध दिया और इस दौरान सामूहिकता की जो शक्ति देखी गई वह विकसित भारत के संकल्पों का बहुत बड़ा आधार है।

प्रधानमंत्री ने आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 109वीं और इस साल की पहली कड़ी में देशवासियों से संवाद करते हुए कहा कि भगवान राम का शासन देश के संविधान निर्माताओं के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत था।

उन्होंने कहा कि इस साल हमारे संविधान के निर्माण के 75 वर्ष और उच्चतम न्यायालय के भी 75 वर्ष हो रहे हैं और लोकतंत्र के ये पर्व लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत को और सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान की मूल प्रति के तीसरे अध्याय में भारत के नागरिकों के मूलभूत अधिकारों का वर्णन किया गया है और ये बहुत दिलचस्प है कि तीसरे अध्याय के प्रारंभ में संविधान निर्माताओं ने भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के चित्रों को स्थान दिया था।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘प्रभु राम का शासन हमारे संविधान निर्माताओं के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत था और इसलिए 22 जनवरी को अयोध्या में मैंने ‘देव से देश’ की बात और ‘राम से राष्ट्र’ की बात की थी।’

उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर ने देश के करोड़ों लोगों को मानो एक सूत्र में बांध दिया है। सबकी भावना एक, सबकी भक्ति एक, सबकी बातों में राम, सबके हृदय में राम’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 22 जनवरी की शाम को पूरे देश ने ‘रामज्योति’ जलाई और दीवाली मनाई तथा इस दौरान देश ने सामूहिकता की शक्ति देखी, जो विकसित भारत के संकल्पों का भी बहुत बड़ा आधार है।

उन्होंने मकर संक्रांति से 22 जनवरी तक स्वच्छता का अभियान चलाए जाने के अपने आह्वान का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि लाखों लोगों ने श्रद्धाभाव से जुड़कर अपने अपने क्षेत्र के धार्मिक स्थलों की साफ़-सफाई की। उन्होंने कहा, ‘यह भावना रुकनी नहीं चाहिए, ये अभियान रुकना नहीं चाहिए।

Advertisement
First Published - January 28, 2024 | 10:38 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement