facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

संसद सत्र की पूर्व संध्या पर रविवार को होगी सर्वदलीय बैठक, एजेंडे को लेकर लगाए जा रहे कई कयास

Advertisement

सरकार को संसद में कुछ नए कानून या अन्य विषय पेश करने का विशेषाधिकार प्राप्त है जो जरूरी नहीं है कि लिस्टेड एजेंडे का हिस्सा हो

Last Updated- September 16, 2023 | 7:09 PM IST
PM Modi speech on Parliament special session

संसद के पांच दिवसीय सत्र में कोई आश्चर्यजनक प्रस्ताव लाए जाने की चर्चाओं के बीच सरकार रविवार को सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर उन्हें सत्र में होने वाले विधायी एवं अन्य कामकाज के बारे में जानकारी देगी और उनके विचार सुनेगी।

सोमवार से शुरू हो रहे सत्र को बुलाए जाने के असामान्य समय ने सभी को हैरत में डाल है। हालांकि सत्र के लिए लिस्टेड एजेंडे का एक मुख्य विषय संविधान सभा से शुरू हुई संसद की 75 वर्ष की यात्रा पर एक विशेष चर्चा है।

सरकार ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के प्रावधानों वाले विधेयक को भी सत्र में चर्चा एवं पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है। यह विधेयक पिछले मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में पेश किया गया था।

सरकार को संसद में कुछ नए कानून या अन्य विषय पेश करने का विशेषाधिकार प्राप्त है जो जरूरी नहीं है कि लिस्टेड एजेंडे का हिस्सा हो।

किसी संभावित नए कानून पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लोकसभा और राज्य विधानसभाओं जैसी निर्वाचित विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने वाले विधेयक के बारे में चर्चा चल रही है।

सत्र को लेकर लगाए जा रहे कयास के बीच संसद को नए भवन में स्थानांतरित किए जाने की प्रबल संभावना है, जिसका उद्घाटन 28 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था।

संसद के विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी नई वर्दी में दिखाई पड़ सकते हैं । भारत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी में जी20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन ने मोदी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है और इस तथ्य की ओर सत्र में चर्चा सत्ता पक्ष द्वारा प्रमुखता से ध्यान दिलाया जा सकता है।

संसद के कर्मचारियों के एक वर्ग के लिए फूल की आकृति वाले नए ‘ड्रेस कोड’ ने पहले ही एक राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

कांग्रेस ने इसे सत्तारूढ़ पार्टी के चुनाव चिह्न कमल के फूल को प्रचारित करने के लिए एक ‘सस्ती’ रणनीति के रूप में करार दिया है।

सत्र की घोषणा करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इसे ‘‘विशेष सत्र’’ बताया था। लेकिन सरकार ने बाद में स्पष्ट कर दिया था कि यह एक नियमित सत्र है यानी यह मौजूदा लोकसभा का 13वां सत्र और राज्यसभा का 261वां सत्र है।

आमतौर पर प्रत्येक वर्ष संसद का बजट, मानसून और शीतकालीन सत्र आयोजित किया जाता है। मानसून सत्र जुलाई-अगस्त में आयोजित किया गया था जबकि शीतकालीन सत्र नवंबर-दिसंबर में होने वाला है।

बजट सत्र हर वर्ष जनवरी के अंत से शुरू होता है। दो सत्र के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतर नहीं हो सकता। फिलहाल, सरकार ने सत्र के पहले दिन संविधान सभा से लेकर संसद की 75 साल की यात्रा पर विशेष चर्चा की योजना बनाई है।

सत्र के दौरान ‘‘संविधान सभा से शुरू होने वाली 75 वर्ष की संसदीय यात्रा-उपलब्धियां, अनुभव, यादें और सीख’’ पर चर्चा के अलावा, लोकसभा के लिए अन्य सूचीबद्ध कार्यों में अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, 2023, प्रेस और पत्र-पत्रिका पंजीकरण विधेयक, 2023 शामिल हैं जो तीन अगस्त 2023 को राज्यसभा में पहले ही पारित हो चुका है।

एक आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, इसके अलावा, डाकघर विधेयक, 2023 को भी लोकसभा की कार्यवाही में सूचीबद्ध किया गया है। यह विधेयक 10 अगस्त 2023 को राज्यसभा में पेश किया गया था।

कार्य सूची अस्थायी है और इसमें अधिक विषय जोड़े जा सकते हैं। जोशी ने 31 अगस्त को 18 सितंबर से पांच दिन के लिए संसद के ‘‘विशेष सत्र’’ की घोषणा करते हुए इसके लिए कोई विशिष्ट एजेंडा नहीं बताया।

जोशी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट किया था, ‘‘अमृत काल के बीच, संसद में सार्थक चर्चा और बहस की उम्मीद है।’’

‘एक्स’ पर संसद के विशेष सत्र के एजेंडे को साझा करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था, ‘‘जो एजेंडा सामने आया है, उसमें कुछ भी नहीं है। इन सबके लिए नवंबर में शीतकालीन सत्र तक प्रतीक्षा की जा सकती है।’’

रमेश ने कहा था, ‘‘मुझे यकीन है कि विधायी हथगोले हमेशा की तरह आखिरी क्षण में फूटने के लिए तैयार हैं। परदे के पीछे कुछ और है।’’

Advertisement
First Published - September 16, 2023 | 7:09 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement