Labour-minimum wage: उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में श्रमिकों के वेतन वृद्धि व अन्य मांग को लेकर किए गए हंगामे के बाद न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि इस वृद्धि के बाद भी नोएडा में श्रमिकों को एनसीआर के दूसरे राज्यों की तुलना में कम वेतन मिलेगा यानी नोएडा, गाजियाबाद, साहिबाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वालों को दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम के औद्योगिक इलाकों में काम करने वालों से कम न्यूनतम वेतन मिलेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन में करीब 21 फीसदी तक वृद्धि की है। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों के लिए अकुशल श्रमिकों को अब 11,313 रुपये के बजाय 13,690 रुपये प्रति माह मिलेंगे। जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 12,445 रुपये से बढ़ाकर 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 13,950 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दिया है।
अन्य नगर निगम क्षेत्रों में संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किया गया है। शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये प्रतिमाह, अर्धकुशल श्रमिकों को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। ये दरें एक अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
दिल्ली में इस समय अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 18,456 रुपये, अर्ध-कुशल के लिए 20,371 रुपये और कुशल के लिए 22,411 रुपये प्रति माह है। सुपरवाइजरी स्टॉफ की श्रेणी में न्यूनतम वेतन 24,356 रुपये प्रति माह है। ये वेतन एक अप्रैल 2025 से प्रभावी है। हालांकि एक अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन में संशोधन होना प्रस्तावित है।
हरियाणा में इस समय अकुशल श्रमिकों को 15,220 रुपये न्यूनतम वेतन मिलता है, जबकि अर्ध-कुशल के लिए 16,780 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 18,500 रुपये प्रति न्यूनतम वेतन तय किया गया है। बहुत कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 19,425 रुपये प्रति माह है। ये दरें एक अप्रैल 2026 से प्रभावी हैं। हरियाणा सरकार ने हाल ही में इन दरों में 35 फीसदी तक बढ़ोतरी की है।
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दिल्ली में अकुशल श्रमिकों को 18,456 रुपये न्यूनतम वेतन मिलता है, जबकि यूपी के दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में ये वेतन हालिया वृद्धि के बाद भी 13,690 रुपये है। जाहिर है नोएडा और गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को दिल्ली के श्रमिकों की तुलना में करीब 26 फीसदी कम वेतन मिलता है। इस साल अप्रैल में दिल्ली में न्यूनतम वेतन बढ़ने पर नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को दिल्ली की तुलना में और भी कम वेतन मिलेगा।
हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद के श्रमिकों की तुलना में भी नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को कम वेतन मिल रहा है। हरियाणा में अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 15,220 रुपये है, जो नोएडा व गाजियाबाद में 13,690 रुपये प्रति माह से करीब 10 फीसदी अधिक है। उत्तर प्रदेश में अकुशल के अलावा अर्ध कुशल, कुशल व अन्य श्रेणियों में भी न्यूनतम वेतन दिल्ली और हरियाणा की तुलना में कम है।
न्यूनतम वेतन की दरें रुपये प्रति माह
| राज्य | अकुशल | अर्ध कुशल | कुशल |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 18,456 | 20,371 | 22,411 |
| हरियाणा | 15,220 | 16,780 | 18,500 |
| उत्तर प्रदेश | 13,690 | 15,059 | 16,868 |
नोट- उत्तर प्रदेश की दरें नोएडा व गाजियाबाद जिलों के लिए है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ये दरें एक अप्रैल 2026 से लागू हैं, जबकि दिल्ली की दरें एक अप्रैल 2025 से प्रभावी हैं।