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क्या आपके फोन में भी आया तेज सायरन वाला मैसेज? सरकार ने क्यों किया ऐसा टेस्ट

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देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण कर आपदाओं के दौरान तुरंत चेतावनी देने वाली नई तकनीक की तैयारियों को मजबूत किया गया।

Last Updated- May 02, 2026 | 4:57 PM IST
Mobile emergency alert
Representative image

Mobile Emergency Alert: देशभर में शनिवार को लाखों मोबाइल फोन कुछ सेकंड के लिए लगातार बजने लगे। यह कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि सरकार की ओर से चलाया गया एक परीक्षण था। इसका उद्देश्य देश में आपदा चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करना है।

सरकार ने पहले ही बुधवार को लोगों को सूचित कर दिया था कि यदि उन्हें इस तरह के टेस्ट संदेश मिलें तो घबराएं नहीं और इन्हें नजरअंदाज करें।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने देश में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम की शुरुआत की है। यह एक स्वदेशी प्लेटफॉर्म है जिसे आपदा प्रबंधन और आपात स्थिति में लोगों को तुरंत सूचना देने के लिए तैयार किया गया है। इस सिस्टम को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ मिलकर विकसित किया है।

इस व्यवस्था के तहत देशभर में मोबाइल फोन पर सीधे अलर्ट भेजने की टेस्टिंग की गई। खास बात यह रही कि ये संदेश फोन के साइलेंट मोड में होने पर भी तेज बीप और वाइब्रेशन के साथ पहुंचे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत और स्पष्ट सूचना पहुंच सके।

इस परीक्षण के जरिए यह देखा गया कि आपात स्थिति में मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से अलर्ट कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंच सकता है।

सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम क्या है? सरकार की नई चेतावनी व्यवस्था समझिए

सरकार ने आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाने के लिए एक नई तकनीक पर जोर दिया है, जिसे सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम कहा जाता है। यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए किसी भी आपदा या जरूरी सूचना को एक साथ किसी खास इलाके में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर भेजा जा सकता है।

इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं होती। यानी संदेश किसी व्यक्ति के नंबर पर नहीं भेजा जाता, बल्कि उस क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल नेटवर्क से जुड़े डिवाइस तक एक साथ अलर्ट पहुंच जाता है।

इसमें इंटरनेट की भी आवश्यकता नहीं होती। जैसे ही सरकार या संबंधित एजेंसी कोई चेतावनी जारी करती है, वह मोबाइल टावरों के जरिए तुरंत उस क्षेत्र में प्रसारित हो जाती है और सभी संगत मोबाइल फोन पर दिखाई देती है।

यह सिस्टम प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, तूफान या किसी भी आपात स्थिति में लोगों को समय रहते सतर्क करने में काफी मददगार माना जा रहा है। इससे सूचना तेजी से और बिना किसी देरी के लोगों तक पहुंच सकती है, जिससे जानमाल के नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।

Mobile Emergency Alert सिस्टम कैसे काम करता है

भारत में हाल ही में एक नए इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया गया है। इस सिस्टम के जरिए आपदा की स्थिति में लोगों को तुरंत चेतावनी भेजी जाएगी। जब किसी खतरे की पहचान होती है, तो राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) जैसी अधिकृत एजेंसियां अलर्ट जारी करती हैं। इसके बाद यह संदेश टेलीकॉम नेटवर्क के माध्यम से एक साथ संबंधित क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन तक पहुंच जाता है।

Mobile Emergency Alert की खासियत

इस सिस्टम की सबसे बड़ी खास बात यह है कि अलर्ट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह मोबाइल स्क्रीन पर पूरी तरह पॉप-अप के रूप में दिखाई देता है। इसके साथ तेज आवाज और वाइब्रेशन भी होता है। यहां तक कि अगर फोन साइलेंट या डू नॉट डिस्टर्ब मोड में हो, तब भी यह अलर्ट सक्रिय रहता है।

भारत के लिए इसकी जरूरत

भारत में भूकंप, चक्रवात, अचानक बाढ़ और हीटवेव जैसी प्राकृतिक आपदाएं अक्सर देखने को मिलती हैं। ऐसे में समय पर चेतावनी मिलना बहुत जरूरी है। पहले एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजे जाते थे, लेकिन नेटवर्क पर दबाव होने पर इनमें देरी हो जाती थी। नया सिस्टम इस समस्या को दूर करने में मदद करेगा।

सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम की खासियत

यह नया सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम नेटवर्क पर ज्यादा दबाव नहीं डालता। यह एक साथ कई लोगों तक संदेश पहुंचाने में सक्षम है। खास बात यह है कि यह कम नेटवर्क वाले या दूरदराज के इलाकों में भी काम करता है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक समय पर सूचना पहुंच सके।

आपदा प्रबंधन में बड़ा सुधार

सरकार का मानना है कि यह सिस्टम देश की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत बनाएगा। इससे लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सकेगा और जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। हाल ही में किया गया देशव्यापी परीक्षण इसी तकनीक की तैयारी और प्रभावशीलता को जांचने के लिए था।

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First Published - May 2, 2026 | 4:57 PM IST

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