facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

Monsoon 2024: आधा मानसून गुजर गया, 25 प्रतिशत क्षेत्रों में बारिश की कमी

Monsoon 2024: आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में देश में सामान्य यानी 280.5 मिमी से नौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई जो 306.6 मिमी है।

Last Updated- August 01, 2024 | 1:02 PM IST
Monsoon 2024
Monsoon 2024

मॉनसून का मौसम करीब आधा बीत चुका है और भारत के मौसम संबंधी 36 उपखंडों में से 25 प्रतिशत में कम बारिश दर्ज की गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में देश में सामान्य यानी 280.5 मिमी से नौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई जो 306.6 मिमी है।

एक जून से 445.8 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 453.8 मिमी वर्षा हुई, जो दो प्रतिशत अधिक है। जुलाई में बारिश असमान रही। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश में काफी कमी दर्ज की गई। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश में कमी 35 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक रही।

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 13 उपखंडों में औसत से अधिक बारिश, 14 में सामान्य और नौ में कम बारिश दर्ज की गई। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा की कमी 30 जून को 13.3 प्रतिशत से बढ़कर 31 जुलाई को 19 प्रतिशत हो गई, तथा इस क्षेत्र में मानसून सीजन में अब तक 752.5 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 610.2 मिमी वर्षा हुई।

उत्तर-पश्चिम भारत में जुलाई में 182.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 209.7 मिमी बारिश होती है। इसमें 13 प्रतिशत की कमी आई। इस क्षेत्र में इस मानसून सीजन में अब तक 235 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर 287.8 मिमी बारिश होती है, यानी 18 प्रतिशत की कमी आई है।

आंकड़ों के अनुसार, मध्य भारत में जुलाई में सामान्य से 33 प्रतिशत अधिक यानी 427.2 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 321.3 मिमी बारिश होती है।

इस क्षेत्र में इस मानसून सीजन में अब तक 574.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर 491.6 मिमी बारिश होती है। दक्षिणी प्रायद्वीप में जुलाई में 36 प्रतिशत अधिक यानी 279.2 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 204.5 मिमी बारिश होती है।

कुल मिलाकर, इस मानसून सीजन में अब तक 463.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर 365.5 मिमी बारिश होती है। इस प्रकार 27 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।

First Published - August 1, 2024 | 12:41 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट