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रात 9 बजे से देर रात 2 बजे के बीच की सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक लोग मारे जाते हैं: रिपोर्ट

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परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों में से 50 प्रतिशत पैदल यात्री थे जबकि 45 प्रतिशत दोपहिया या तिपहिया चालक और यात्री थे।

Last Updated- September 12, 2024 | 2:06 PM IST
Accident
Representative image

दिल्ली सरकार के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में 2022 में हर दिन सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम चार लोग मारे गए और ये दुर्घटनाएं ज्यादातर रात नौ बजे से देर रात दो बजे के बीच हुईं। यह संख्या 2021 में सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों की संख्या से अधिक है।

परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों में से 50 प्रतिशत पैदल यात्री थे जबकि 45 प्रतिशत दोपहिया या तिपहिया चालक और यात्री थे।

दिल्ली सरकार ने हाल में ‘2022 दिल्ली सड़क दुर्घटना मृत्यु रिपोर्ट’ को जारी किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में घातक दुर्घटनाओं में 1,571 व्यक्तियों की मौत हुई अर्थात हर दिन कम से चार लोगों की मौत हुई जबकि इन सड़क हादसों को रोका जा सकता था।

उन्होंने कहा, ‘‘यह चिंता की बात है कि ये आंकड़े 2021 से 28 प्रतिशत अधिक हैं।’’ रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना में मारे गए कुल 97 प्रतिशत लोग पैदल यात्री, मोटरसाइकिल चालक, साइकिल चालक और ऑटो रिक्शा चालक (मोटर चालित एवं इलेक्ट्रिक दोनों) थे जो कि राष्ट्रीय औसत 70.8 प्रतिशत से अधिक है।

सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों में 89 प्रतिशत पुरुष और 11 प्रतिशत महिलाएं थीं, जबकि 30 से 39 वर्ष की आयु के लोगों की संख्या अधिक थी। रिपोर्ट में दुर्घटनाओं के समय का भी विश्लेषण किया गया और निष्कर्ष निकाला गया कि सप्ताह में अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं ज्यादातर रात नौ बजे से देर रात दो बजे के बीच होती हैं, जिनमें लोगों के मरने की संख्या अधिक होती है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह वो समय भी है जब बहुत सारे ‘हिट-एंड-रन’ के मामले होते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि शनिवार, रविवार और सोमवार को हुई दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा अधिक था।

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First Published - September 12, 2024 | 2:06 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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