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MP: उत्तर भारत की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में हुई चालू

मंत्री ने कहा कि इस परियोजना का क्रियान्वयन एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) द्वारा किया जा रहा है।

Last Updated- August 10, 2024 | 3:03 PM IST
floating solar project
Representatve Image

मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में 90 मेगावाट बिजली पैदा करने वाली मध्य और उत्तर भारत की सबसे बड़ी तैरती सौर परियोजना चालू हो गई है। राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने एक बयान में कहा कि 646 करोड़ रुपये की लागत वाली ओंकारेश्वर ‘तैरती सौर परियोजना’ आठ अगस्त को शुरू की गई।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत विकसित की गई है और यह भारत का सबसे बड़ा सौर पार्क और मध्य और उत्तर भारत की सबसे बड़ी तैरती सौर ऊर्जा परियोजना है। मंत्री ने कहा कि इस परियोजना का क्रियान्वयन एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के चालू होने पर एसजेवीएन की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 2466.50 मेगावाट हो गई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से पहले वर्ष में 19.65 करोड़ यूनिट तथा अगले 25 साल में 462.93 करोड़ यूनिट बिजली पैदा होने का अनुमान है।

मंत्री ने कहा कि चालू होने के बाद परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में 2.3 लाख टन की कमी आएगी तथा वर्ष 2070 तक कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के केंद्र सरकार के मिशन में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

शुक्ला के अनुसार परियोजना से जल वाष्पीकरण में कमी लाकर जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना को 3.26 रुपये प्रति यूनिट की दर से 25 वर्षों के लिए ‘निर्माण, अधिग्रहण और परिचालन’ (बीओओ) के आधार पर प्रतिस्पर्धी टैरिफ बोली के माध्यम से विकसित किया गया है। ओंकारेश्वर बांध के बैकवाटर पर तैरता ऊर्जा संयंत्र विकसित किया गया है।

First Published - August 10, 2024 | 3:03 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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