facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

NCP आज चुनेगी पार्टी का नया चीफ, 11 बजे होगी बैठक

Advertisement
Last Updated- May 05, 2023 | 9:46 AM IST
Sharad Pawar

शरद पवार का उत्तराधिकारी चुनने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की एक समिति की अहम बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे मुंबई में होगी। शरद पवार (82) ने मंगलवार को मुंबई में अपनी आत्मकथा ‘लोक माझे सांगाती’ के अद्यतन संस्करण के विमोचन कार्यक्रम में राकांपा प्रमुख के पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर सभी को चौंका दिया था।

उन्होंने अपने उत्तराधिकारी पर फैसला लेने के लिए पार्टी की एक समिति भी गठित की थी, जिसमें अजित पवार, सुप्रिया सुले, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल शामिल हैं। शरद पवार ने बृहस्पतिवार को कहा था कि राकांपा अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का उनका फैसला पार्टी के भविष्य और नया नेतृत्व तैयार करने के लिए है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किए जाने के बीच यह टिप्पणी की थी।

राकांपा नेताओं ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि बारामती से लोकसभा सदस्य एवं शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने की संभावना है, जबकि अजित पवार को महाराष्ट्र इकाई की कमान सौंपी जा सकती है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि 1999 में अस्तित्व में आई राकांपा की बागडोर पवार परिवार के हाथों में ही रहने की संभावना है, क्योंकि किसी और को कमान सौंपे जाने की सूरत में पार्टी में दरार पनपने और वर्चस्व की लड़ाई शुरू होने की आशंका है। इन नेताओं ने जोर देकर कहा कि तीन बार की लोकसभा सदस्य सुले खुद को एक प्रभावी सांसद के रूप में स्थापित करने में कामयाब रही हैं और उनके विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से अच्छे रिश्ते हैं, जबकि अजित पवार की राकांपा की प्रदेश इकाई पर अच्छी पकड़ है और उन्हें एक सक्षम प्रशासक के रूप में व्यापक स्वीकार्यता हासिल है।

इन नेताओं ने यह भी कहा कि अजित पवार ने हाल ही में महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने की अपनी ख्वाहिश उजागर की थी, जबकि सुले ने हमेशा स्पष्ट किया है कि उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में दिलचस्पी है। यही नहीं, राकांपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री छगन भुजबल भी कह चुके हैं कि सुले को राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए, जबकि अजित पवार को प्रदेश इकाई का नेतृत्व करना चाहिए। हालांकि, बाद में उन्होंने यह कहने में भी देरी नहीं लगाई कि यह उनकी निजी राय है।

Advertisement
First Published - May 5, 2023 | 9:46 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement