facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

New criminal laws: अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों पर चर्चा के लिए विपक्ष को बुलाया, आलोचनाओं को बेबुनियाद बताया

Advertisement

शाह ने इन आलोचनाओं को बेबुनियाद बताया कि नए आपराधिक कानून कठोर एवं दमनकारी हैं।

Last Updated- July 01, 2024 | 11:28 PM IST
Manipur Violence: Shah's strict instructions for peace in Manipur, NPP withdraws support from BJP led government मणिपुर में शांति के लिए शाह के सख्त निर्देश, NPP ने भाजपा नीत सरकार से समर्थन वापस लिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह तीन नए आपराधिक कानूनों पर विपक्ष की चिंता एवं आशंका पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। शाह ने विपक्षी दलों से अपील की वे चाहें तो इस मसले पर उनके साथ बैठकर चर्चा कर सकते हैं। सोमवार को तीन नए आपराधिक कानून लागू होने का विपक्षी दलों ने विरोध किया है।

शाह ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मैं सभी से अपील करता हूं कि इन नए कानूनों को लेकर जो भी उनकी चिंता है, सरकार उन्हें दूर करेगी। अगर आपको लगता है कि ये कानून लोगों के हित में नहीं हैं तो आप इस पर मुझसे चर्चा कर सकते हैं। कानूनों का केवल विरोध करने से समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। राजनीति करने के कई और भी तरीके हैं।‘

शाह ने इन आलोचनाओं को बेबुनियाद बताया कि नए आपराधिक कानून कठोर एवं दमनकारी हैं। उन्होंने कहा कि ये कानून आधुनिक समाज के अनुरूप हैं और पीड़ितों के हितों की रक्षा करते हैं, साथ ही पुलिस की जवाबदेही भी तय करते हैं। शाह ने कहा कि नए कानून अंग्रेजी हुकूमत के दौरान तैयार कानूनों की तुलना में तर्कसंगत एवं बेहतर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नए कानून लागू करने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर थी और लगभग 22.5 लाख पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया था।

देशभर में राज्य पुलिस बलों ने नए कानूनों के तहत कुछ मामले दर्ज किए हैं। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि नए कानूनों के तहत सड़क के किनारे सामान बेचने वाले एक व्यक्ति (स्ट्रीट वेंडर) के खिलाफ अवरोध उत्पन्न करने के लिए प्राथमिकी (एफआईआर) की गई है। रमेश ने दावा किया कि जिसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के निकट एक पैदल पर पुल के नीचे आजीविका चलाने के लिए सामान बेच रहा था।

शाह ने स्पष्ट किया कि भारत न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत पहला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आधी रात के थोड़ी देर बाद दर्ज हुआ था। शाह ने कहा कि यह प्राथमिकी मोटरसाइकिल चोरी के मामले में दर्ज हुई है न कि दिल्ली में स्ट्रीट वेंडर के खिलाफ। उन्होंने कहा कि पुलिस ने समीक्षा के प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली मामले का निपटारा कर दिया है।

Advertisement
First Published - July 1, 2024 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement