वित्त वर्ष 2027 में देश की शीर्ष 6 ऑडिट फर्मों को राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) की ओर से गुणवत्ता जांच का सामना करना होगा। यह जांच नए दिशानिर्देशों के तहत होगा जिसमें पाई गई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित फर्मों को तीन महीने के अंदर सुधार योजना प्रस्तुत करनी होगी और छह महीने के भीतर उसे पूरी तरह लागू करना होगा। घटनाक्रम से अवगत दो लोगों ने इसकी जानकारी दी।
वित्त वर्ष 2027 में जांच के दायरे में आने वाली शीर्ष 6 ऑडिट फर्मों में डेलॉयट हैस्किंस ऐंड सेल्स ऐंड एफिलिएट्स, एसआरबीसी ऐंड कंपनी एलएलपी, प्राइस वाटरहाउस ऐंड एफिलिएट्स नेटवर्क, बीएसआर एफिलिएट्स नेटवर्क, एमएसकेए ऐंड एसोसिएट्स एलएलपी और वॉकर चंडियोक ऐंड कंपनी एलएलपी शामिल हैं। इनके अलावा 4 अन्य छोटी ऑडिट फर्मों की भी गुणवत्ता जांच की जाएगी।
उक्त शख्स ने कहा कि शीर्ष 6 फर्मों को पिछले वित्त वर्ष में भी जांच का सामना करना पड़ा था। लेकिन मई 2026 से प्रभावी विस्तारित दायरे वाले नए ऑडिट दिशानिर्देशों के तहत इस वर्ष भी जांच होगी। हालांकि इस साल की गुणवत्ता जांच में 4 अलग-अलग छोटी ऑडिट फर्म भी शामिल होंगी ताकि इस प्रक्रिया का दायरा बढ़ाया जा सके।
एनएफआरए के नए दिशानिर्देश ऑडिट फर्मों को नियामक की जांच रिपोर्ट साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं, जिसमें ऑडिटर के काम करने के तरीकों की आलोचना शामिल होती है। दिशानिर्देश के मुताबिक यह रिपोर्ट उन कंपनियों की ऑडिट समितियों के साथ साझा की जानी चाहिए जिनके वित्तीय विवरणों पर ऑडिटर ने हस्ताक्षर किए हैं। एक व्यक्ति ने कहा, ‘यह उन कंपनियों को ऑडिटर के कामकाज का आकलन करने और यह तय करने का अवसर देगा कि उन्हें दोबारा नियुक्त करना उचित है या नहीं।’
जांच रिपोर्टों में एनएफआरए ऑडिटर की स्वतंत्रता, दस्तावेजों की आवश्यकताओं और गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की सीमा जैसे क्षेत्रों में कमी को उजागर कर सकता है। यह ऑडिट उद्योग को नियामकीय अपेक्षाओं के बारे में बताता है और नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करता है, लेकिन इससे जांच की गई फर्म या उसके भागीदारों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती है। यह प्रक्रिया प्रणालीगत कमियों, कमजोर उद्योग प्रथाओं को रेखांकित करती है और जवाबदेही को बढ़ावा देती है।
इस तरह की जांच ऑडिट के उन विशिष्ट क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जिनका वित्तीय विवरणों पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी-विशिष्ट मामलों के अलावा, इसने राजस्व और ऋण पर ध्यान केंद्रित किया था। वित्तीय विवरणों की विश्वसनीयता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है क्योंकि निवेशकों के लिए अर्थव्यवस्था का आकर्षण इसी पर निर्भर करता है।
बीडीओ इंटरनैशनल की सदस्य फर्म एमएसकेए ऐंड एसोसिएट्स के मैनेजिंग पार्टनर और ऑडिट तथा एश्योरेंस के प्रमुख विशाल दिवाडकर ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि फर्म ने अप्रैल 2026 की जांच दिशानिर्देशों के अनुसार अपनी सुधार योजना को अंतिम रूप दे दिया है। दिवाडकर ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के सवालों के लिखित जवाब में कहा, ‘योजना विधिवत तैयार की गई है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर जमा कर दिया जाएगा। हम अपने गुणवत्ता नियंत्रण ढांचे को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमने पिछली रिपोर्टों में बताई गई बातों पर पहले ही सुधार कर लिया है। हमने हाल ही में संपन्न जांच से एनएफआरए की टिप्पणियों पर भी ध्यान दिया है और सुझाए गए संशोधनों पर सक्रियता से काम कर रहे हैं। हमारी टीमें पहले से ही आवश्यक सुधार लागू कर रही हैं और हम ऑडिट गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
वॉकर चंडियोक ऐंड कंपनी एलएलपी के प्रवक्ता ने कहा, ‘फर्म ने व्यापक सुधार योजना तैयार की है जो सभी जांच टिप्पणियों को संबोधित करती है और एनएफआरए द्वारा निर्धारित समयसीमा के अनुसार लागू की गई है।’
उन्होंने कहा, ‘फर्म ने लगातार मजबूत नीतियों को बनाए रखा है और लागू मानकों का पूरी तरह से अनुपालन करती है। फर्म द्वारा जारी की गई किसी भी ऑडिट राय पर सवाल नहीं उठाया गया है और हम भारत के ऑडिट पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास को मजबूत करने के लिए निरंतर सुधार और नियामकों के साथ रचनात्मक जुड़ाव के लिए समर्पित हैं।’
एमएसकेए ऐंड एसोसिएट्स के विशाल दिवाडकर ने कहा कि उनकी फर्म, जिन कंपनियों का ऑडिट करती है उनकी ऑडिट समितियों के साथ पिछली जांच रिपोर्ट साझा करने के लिए हमेशा तैयार रहती है। उन्होंने कहा, ‘जांच रिपोर्टों के निष्कर्षों को उचित रूप से ऑडिट समितियों के साथ साझा किया गया है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि वे जहां भी मांगे गए थे, उपलब्ध कराए गए हैं और हमने ऐसे हर अनुरोध का सकारात्मक जवाब दिया है। ऑडिट समितियों के साथ पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है।’
ऑडिट उद्योग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि उनकी फर्में वित्त वर्ष 2027 की जांच के बाद जरूरत पड़ने पर सुधार की योजनाएं पेश करेंगी। उन्होंने इस आवश्यकता को भविष्योन्मुखी बताया। उनमें से एक ने कहा कि एनएफआरए का सुधार संबंधी मार्गदर्शन उसके वैश्विक समकक्षों के अनुरूप है लेकिन अमेरिका में पब्लिक कंपनी अकाउंटिंग ओवरसाइट बोर्ड (पीसीएओबी) इसे पूरा करने के लिए 12 महीने का समय देता है जबकि एनएफआरए छह महीने की मोहलत दे रहा है।
एनएफआरए ने इस साल अप्रैल में अपने अनुशासनात्मक आदेशों को कानूनी चुनौतियों से बचाने के लिए निरीक्षण, जांच, अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मामलों को संदर्भित करने और अनुशासनात्मक मामलों पर निर्णय लेने के कार्यों को चार डिवीजन में बांटा है, जिनमें से प्रत्येक को अलग-अलग सदस्यों के नेतृत्व में पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है।
इस बारे में जानकारी के लिए डेलॉयट हैस्किंस ऐंड सेल्स ऐंड एफिलिएट्स, एसआरबीसी ऐंड कंपनी एलएलपी, प्राइस वाटरहाउस ऐंड एफिलिएट्स नेटवर्क और बीएसआर एफिलिएट्स नेटवर्क को गुरुवार को और एनएफआरए को शुक्रवार को ईमेल भेजे गए थे मगर खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया।
पिछले एनएफआरए ऑडिट टिप्पणियों में डेलॉयट के मामले में गैर-ऑडिट सेवाओं, वॉकर चंडियोक ऐंड कंपनी एलएलपी के मामले में स्वतंत्रता आवश्यकताओं और ‘संबंधित व्यक्तियों’ की परिभाषा, प्राइस वाटरहाउस ऐंड एफिलिएट्स नेटवर्क के मामले में मानव संसाधन नीति और कुछ भागीदारों की स्वतंत्रता तथा एसआरबीसी ऐंड कंपनी एलएलपी के मामले में गैर-ऑडिट सेवाओं की निगरानी जैसे मुद्दों को शामिल किया गया था।