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लाल किले के पास विस्फोट की जांच अब NIA करेगी, पुलवामा से जुड़े मॉड्यूल पर सतर्कता

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अधिकारियों के मुताबिक इस डॉक्टर का संबंध मुख्य रूप से फरीदाबाद से विस्फोटकों की बरामदगी के साथ पर्दाफाश किए गए आतंकी मॉड्यूल से है।

Last Updated- November 12, 2025 | 8:46 AM IST
Delhi Red Fort Blast
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नई दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट की जांच मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है। घटना के तार पुलवामा के एक डॉक्टर से जुड़ रहे हैं। इसे देखते हुए जांच एजेंसियों ने मामले पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक इस डॉक्टर का संबंध मुख्य रूप से फरीदाबाद से विस्फोटकों की बरामदगी के साथ पर्दाफाश किए गए आतंकी मॉड्यूल से है।

डॉ. उमर नबी उस कार को चला रहा था, जिसमें विस्फोट हुआ और माना जा रहा है कि वह मारे गए 12 लोगों में से एक है। विस्फोट के एक दिन बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने उमर की मां का डीएनए नमूना लिया, ताकि अवशेषों की पुष्टि हो सके। श्रीनगर में एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने विस्फोट स्थल पर मिले अवशेषों का मिलान करने के लिए डीएनए नमूना लिया है।’

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह मामला एनआईए के हवाले कर दिया गया। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस विस्फोट को सरकार आतंकवादी कृत्य मान रही है, क्योंकि एनआईए को केवल आतंकवादी मामलों की जांच की जिम्मेदारी दी जाती है।

लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए विस्फोट से कुछ ही घंटे पहले जैश- ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े एक ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था, जिसमें तीन डॉक्टर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया और 2,900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किया गया था। यह मॉड्यूल कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लखनऊ तक फैला हुआ था। सोमवार को गिरफ्तार किए गए लोगों में डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन सईद भी शामिल थे, जो फरीदाबाद स्थित अल फला विश्वविद्यालय से जुड़े थे। फरीदाबाद से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था। जांच अधिकारियों के अनुसार, शाहीन भारत में जैश-ए-मोहम्मद की महिला भर्ती शाखा का नेतृत्व कर रही थी। वह समूह की महिला शाखा जमात-उल-मोमिनात की प्रमुख थी।

शाहीन के पिता सैयद अहमद अंसारी ने लखनऊ में पत्रकारों को बताया कि उन्हें उसकी गिरफ्तारी के बारे में मीडिया से पता चला है। अंसारी ने कहा, ‘मैंने शाहीन से आखिरी बार लगभग एक महीने पहले बात की थी। मैंने कभी भी उसे डॉ. मुजम्मिल या ऐसी गतिविधियों से जुड़े किसी भी व्यक्ति का जिक्र करते नहीं सुना।’ अधिकारियों ने बताया कि उमर भी अल फला विश्वविद्यालय से जुड़ा था और माना जा रहा है कि वह हुंदै आई20 कार चला रहा था, जिसमें यह शक्तिशाली विस्फोट हुआ था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलता है कि लाल किले के पास हुए विस्फोट में संभवत: अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया है। विस्फोट और आतंकी मॉड्यूल की जांच जारी रहने के बीच अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के एक व्यक्ति तारिक को गिरफ्तार किया गया है, जिसने उमर मोहम्मद को हुंदै आई20 कार कथित तौर पर दी थी।

(-एजेंसियां)

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First Published - November 12, 2025 | 8:46 AM IST

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