प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह अपने निवास 7, लोक कल्याण मार्ग से केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने के लिए केवल दो वाहनों के काफिले के साथ निकले। कई केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों ने भी उनका अनुसरण करते हुए अपने-अपने काफिले के वाहनों की संख्या कम करने की घोषणा की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी अपने काफिले की गाडि़या घटा दीं।
आधिकारिक सूत्रों ने यह धारणा दूर करने का प्रयास किया कि प्रधानमंत्री ने किसी कठोर मितव्ययिता अभियान का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीगत व्यय, कल्याणकारी खर्च या सब्सिडी में कटौती नहीं कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य अधिक विवेकपूर्ण ढंग से खर्च करना है। जैसे ईंधन की खपत कम करना, आयातित वस्तुओं पर अनावश्यक निर्भरता घटाना और विदेशी मुद्रा खपत वाली सेवाओं का उपयोग कम करना। सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री के सुझावों को ‘मितव्ययिता उपाय’ नहीं कहा जाना चाहिए क्योंकि इसका आर्थिक दृष्टि से नकारात्मक अर्थ निकलता है।
सूत्रों ने कहा कि ‘मितव्ययिता’ शब्द आमतौर पर बजट कटौती, सरकारी खर्च में कमी, सब्सिडी घटाने और वित्तीय सख्ती का संकेत देता है जबकि प्रधानमंत्री की अपील का भाव ऐसा नहीं है। नीति आयोग ने सोमवार को उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उसने विभिन्न सरकारी भवनों के निर्माण पर दो साल का प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है। हालांकि आयोग ने अपने सभी प्रभागों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से सभी प्रस्तावित कार्यशालाएं, सम्मेलन और सेमिनार रद्द करें, जिन्हें वर्चुअल रूप से आयोजित किया जा सकता है। केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों तथा कई भाजपा-शासित राज्यों ने ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू किए हैं। उन्होंने अधिक ऑनलाइन बैठकों को प्रोत्साहित किया है, कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की व्यवस्था की है, और सरकारी कैंटीनों में खाद्य तेल की खपत को 10 प्रतिशत तक कम करने का निर्देश दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे आधिकारिक यात्रा के लिए विमान का उपयोग करने से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इजाजत लें। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राज्य जून में कुरनूल जिले में एक स्वर्ण खदान का उद्घाटन करने की योजना बना रहा है, जहां भारत में उत्पादित सोने का ‘60 प्रतिशत तक’ निकाला जा सकता है जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। उन्होंने हर घर और हर खेत में बिजली उत्पादन के लिए छत पर सौर ऊर्जा इकाइयां लगाने का सुझाव दिया।
प्रधानमंत्री ने बीते रविवार को हैदराबाद में अपने भाषण में नागरिकों से पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आग्रह किया और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के अधिक उपयोग की अपील की। उन्होंने सोमवार को गुजरात में एक भाषण में इस अपील को दोहराया और देश के लिए विदेशी मुद्रा बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अनावश्यक विदेशी यात्रा से बचने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, सोने की खरीद कम करने और खाना पकाने के तेल की खपत घटाने की अपील की क्योंकि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि से देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है। प्रधानमंत्री के काफिले का आकार घटाने के बारे में सूत्रों ने कहा कि हाल ही में उनकी घरेलू यात्राओं, जिनमें असम और गुजरात शामिल हैं, में यह लागू किया गया। यह कमी विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक सुरक्षा घटकों को बनाए रखते हुए की गई। हैदराबाद में भाषण के तुरंत बाद गुजरात और असम में मोदी के काफिले का आकार छोटा किया गया। सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जहां संभव हो उनके काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाए, लेकिन इसके लिए नई खरीदारी न की जाए।
बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता वाली बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की ईवी नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई ताकि 2030 तक राज्य में बेचे जाने वाले सभी नए वाहनों में कम से कम 30 प्रतिशत ईवी हों। राज्य सरकार ने वाणिज्यिक और गैर-वाणिज्यिक ईवी खरीददारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा है। पटना में मुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार वर्क-फ्रॉम-होम को प्रोत्साहित करेगी और सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाएगी। उन्होंने मंत्रियों, नगर निगम अध्यक्षों और अन्य जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त एस्कॉर्ट वाहनों का उपयोग न करने की अपील की।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उन्होंने अपने काफिले का आकार घटा दिया है और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या आधी करने पर विचार कर रही है। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने और मंत्रियों के काफिले में 50 प्रतिशत कटौती की है और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी ऐसा ही किया है।
उधर, दिल्ली सरकार के मंत्री बुधवार को मेट्रो से यात्रा करते दिखे। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने घोषणा की कि वे गुजरात के भीतर यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर और उड़ानों की बजाय ट्रेन, राज्य परिवहन बसों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे साथ ही ईंधन बचाने के लिए आधिकारिक काफिलों का आकार भी घटाएंगे। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा रद्द कर दी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नागरिकों को मितव्ययिता का उपदेश दे रहे हैं, जबकि उनके प्रचार पर भारी खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले 12 वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने की परवाह नहीं की। पश्चिम एशिया पर अनौपचारिक मंत्रियों के समूह की पांचवीं बैठक में सोमवार को बैठक की अध्यक्षता कर रहे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री की अपील को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। सिंह ने कहा, ‘मंत्रालयों और राज्यों को समन्वित तरीके से ईंधन दक्षता, जन-जागरूकता और जिम्मेदार उपभोग व्यवहार को संस्थागत बनाने के उपायों की पहचान करनी चाहिए।‘ (साथ में एजेंसियां)