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छह प्रमुख शहरों में जून तिमाही में ऑफिस स्पेस की मांग स्थिर, सप्लाई 32 फीसदी बढ़ी : रिपोर्ट

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मुख्य रूप से पट्टे पर ऑफिस स्पेस की मांग में प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र का योगदान रहा।

Last Updated- July 05, 2023 | 3:30 PM IST
Office space demand stable in June quarter across six major cities, supply up 32%: Report

देश के छह प्रमुख शहरों में अप्रैल-जून की तिमाही के दौरान औसत ऑफिस किराया 95 रुपये प्रति वर्ग फुट पर स्थिर रहा। इस दौरान नई सप्लाई जहां 32 फीसदी बढ़ी है वहीं मांग में मात्र दो फीसदी की बढ़ोतरी हुई। रियल एस्टेट सलाहकार कोलियर्स इंडिया के तिमाही आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

कोलियर्स की यह रिपोर्ट छह प्रमुख ऑफिस स्पेस बाजारों….बेंगलूरु, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और पुणे पर आधारित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल-जून की तिमाही में टॉप छह शहरों में 1.46 करोड़ वर्ग फुट ऑफिस स्पेस पट्टे पर दिया गया। यह एक साल पहले की समान अवधि के 1.43 करोड़ वर्ग फुट के आंकड़े से दो फीसदी अधिक  है।

मुख्य रूप से पट्टे पर ऑफिस स्पेस की मांग में प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र का योगदान रहा। चेन्नई में ऑफिस स्पेस की मांग तीन गुना हो गई और इसने दिल्ली-एनसीआर और मुंबई को पीछे छोड़ दिया। नए ऑफिस स्पेस की सप्लाई इस दौरान 32 फीसदी बढ़कर 1.24 करोड़ वर्ग फुट हो गई। एक साल पहले इन छह शहरों में सप्लाई 94 लाख वर्ग फुट रही थी।

इन छह शहरों में ऑफिस स्पेस का औसत मासिक किराया 95 रुपये प्रति वर्ग फुट पर स्थिर रहा। कोलियर्स के प्रबंध निदेशक (कार्यालय सेवाएं, भारत) पीयूष जैन ने कहा, ‘तिमाही के दौरान मांग में जहां मामूली सुधार हुआ, वहीं सप्लाई 32 फीसदी बढ़ गई। इस वजह से किराया स्थिर रहा।’

जैन ने कहा कि आगामी तिमाहियों में मांग में सुधार से साल के अंत तक किराया बढ़ सकता है। शहरों के आधार पर देखा जाए, तो बेंगलूरु में अप्रैल-जून में ऑफिस स्पेस की मांग 22 फीसदी घटकर 34 लाख वर्ग फुट पर आ गई। एक साल पहले समान अवधि में मांग 44 लाख वर्ग फुट थी। हालांकि, बेंगलूरु में आपूर्ति दोगुना से अधिक होकर 16 लाख वर्ग फुट से 38 लाख वर्ग फुट पर पहुंच गई।

बेंगलूरु में ऑफिस स्पेस का किराया एक फीसदी बढ़कर 91.9 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया। चेन्नई में ऑफिस स्पेस की मांग तीन गुना होकर 33 लाख वर्ग फुट हो गई। एक साल पहले समान अवधि में यह 11 लाख वर्ग फुट थी। चेन्नई में नई सप्लाई 10 लाख वर्ग फुट से बढ़कर 24 लाख वर्ग फुट हो गई। वहीं किराया दो फीसदी बढ़कर 75.1 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया।

दिल्ली-एनसीआर में ऑफिस स्पेस की मांग 11 फीसदी बढ़कर 28 लाख से 31 लाख वर्ग फुट हो गई। वहीं नई सप्लाई 43 फीसदी बढ़कर 21 लाख वर्ग फुट रही। दिल्ली में कार्यालय स्थलों का औसत मासिक किराया दो फीसदी बढ़कर 92.4 रुपये से 94.2 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया।

हैदराबाद में मांग में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 15 लाख वर्ग फुट से बढ़कर 19 लाख वर्ग फुट पर पहुंच गई। वहीं नई सप्लाई 19 फीसदी घटकर 38 लाख वर्ग फुट से 30 लाख वर्ग फुट पर आ गई। हैदराबाद में मासिक किराया 73.7 रुपये प्रति वर्ग फुट पर लगभग स्थिर रहा।

मुंबई में पट्टे पर ऑफिस स्पेस की मांग 41 फीसदी घटकर 16 लाख वर्ग फुट पर आ गई। नई सप्लाई 79 फीसदी गिरकर 10 लाख वर्ग फुट से दो लाख वर्ग फुट रह गई। यहां किराया 139.9 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 140.2 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गया।

पुणे में ऑफिस स्पेस की मांग 28 फीसदी बढ़कर 17 लाख वर्ग फुट हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 13 लाख वर्ग फुट थी। वहीं नई आपूर्ति 52 फीसदी बढ़कर नौ लाख वर्ग फुट हो गई, जो एक साल पहले समान तिमाही में छह लाख वर्ग फुट थी। पुणे में ऑफिस स्पेस का औसत मासिक किराया एक फीसदी बढ़कर 76.7 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया।

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First Published - July 5, 2023 | 3:30 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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