वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योगों से आग्रह किया है कि वे भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से बने नए अवसरों का लाभ उठाकर निर्यात को बढ़ावा दें, न कि केवल आयात को बढ़ने दें। गोयल ने मंगलवार को कहा, ‘जब तक भारतीय उद्योग वैश्विक जुड़ाव को मजबूत नहीं करते, निवेश आमंत्रित नहीं करते और निर्यात को बढ़ावा नहीं देते, हम ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं, जिसमें अधिक आयात हो।’
यह टिप्पणी 1 जून को ओमान के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते के संभावित कार्यान्वयन से पहले आई है। ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते भी इस साल बाद के महीनों में प्रभावी हो जाएंगे। दिल्ली में एसोचैम के इंडिया बिजनेस रिफॉर्म समिट में गोयल ने कहा, ‘हर कुछ महीने में एक एफटीए लागू होगा।’
उन्होंने निर्यातकों को सुझाव दिया कि समझौता के प्रभाव में आने के पहेल ही सैंपलिंग और ट्रायल ऑर्डर के काम शुरू किए जाने चाहिए, जिससे भागीदारी गहरी हो सके। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ नई पीढ़ी के समझौते और पिछले दशक में आसियान और दक्षिण कोरिया के साथ समझौतों सहित कई व्यापार समझौते लागू होने के बाद भारत का आयात उसके निर्यात की तुलना में ज्यादा बढ़ा है।
पिछले 4 वर्षों में यूएई को भारत से होने वाले निर्यात में 13 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है, वहीं आयात 24 अरब डॉलर बढ़ गया है। इस बीच एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) और दक्षिण कोरिया के साथ व्यापार असंतुलन इतना बढ़ गया है कि सरकार ने पहले ही समझौतों की समीक्षा का अनुरोध किया है।