प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का पांच देशों का दौरा 20 मई को संपन्न हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से इन देशों के साथ संबंध मजबूत करने में मदद मिलने की संभावना है। भारत का वर्तमान में इन देशों के साथ व्यापार घाटा है, जो वित्त वर्ष 21 से वित्त वर्ष 25 के बीच कुल 34 अरब डॉलर था, लेकिन इस अवधि के दौरान इन देशों का भारत के कुल निर्यात में 14 प्रतिशत और कुल आयात में केवल 10 प्रतिशत का योगदान रहा है।
सरकार ने यूएई के साथ तेल आयात को लेकर द्विपक्षीय व्यापार करार किया है। यहां से वित्त वर्ष 26 में कच्चे पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों का कुल आयात हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही। पांच देशों के साथ भारत की निर्यात हिस्सेदारी वित्त वर्ष 21 में 9.93 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 26 में 14.63 प्रतिशत हो गई है।
इसी अवधि में इन पांचों देशों से आयात का हिस्सा भी मामूली रूप से 9 प्रतिशत से बढ़कर 10.19 प्रतिशत हो गया। वित्त वर्ष 26 के दौरान यूएई को छोड़कर अधिकांश देशों का भारत के निर्यात में उनके आयात की तुलना में अधिक हिस्सा था।