Pradhan Mantri Mudra Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने आज 11 साल पूरे कर लिए और इस योजना इन 11 वर्षों में छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए संस्थागत ऋण तक पहुंच का परिदृश्य बदल दिया है। गैर-निगमित और गैर-कृषि आय सृजन गतिविधियों के लिए ₹20 लाख तक बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराने वाली इस योजना करोड़ों लोगों को लाखों करोड़ रपये का ऋण दिया जा चुका है। इसका बड़ा एक अहम हिस्सा महिला उद्यमियों मिला है।
मुद्रा योजना के तहत अब तक करोड़ों लाभार्थियों को लाख करोड़ रुपये का ऋण मिल चुका है। इस योजना के 11 साल पूरे होने पर वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक इस योजना के तहत अब तक 57.79 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं और इनके माध्यम से 40.07 लाख करोड़ रुपये का ऋण का वितरण किया जा चुका है।
| वित्त वर्ष | स्वीकृत ऋणों की संख्या
(करोड़ में) |
स्वीकृत राशि
(लाख करोड़ रुपये में) |
| 2015-16 | 3.49 | 1.37 |
| 2016-17 | 3.97 | 1.80 |
| 2017-18 | 4.81 | 2.54 |
| 2018-19 | 5.98 | 3.22 |
| 2019-20 | 6.23 | 3.37 |
| 2020-21 | 5.07 | 3.22 |
| 2021-22 | 5.38 | 3.39 |
| 2022-23 | 6.24 | 4.56 |
| 2023-24 | 6.67 | 5.41 |
| 2024-25 | 5.47 | 5.53 |
| 2025-26
(दिनांक 27.03.2026 तक) |
4.49 | 5.65 |
| कुल | 57.79 | 40.07 |
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस योजना ने ऋण के प्रवेश अवरोधों को हटाकर उद्यमिता को लोकतांत्रिक बनाया है और कुल ऋणों का दो-तिहाई हिस्सा महिलाओं को और करीब पांचवां हिस्सा पहली बार उद्यम शुरू करने वालों को मिला है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो नए उद्यमियों को 12 लाख करोड़ रुपये की राशि के साथ 12.15 करोड़ ऋण दिए गए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री (वित्त) पंकज चौधरी ने कहा कि इस योजना ने बैंकों, एनबीएफसी और एमएफआई के जरिए छोटे उद्यमियों को औपचारिक ऋण तंत्र से जोड़ा है, जिससे ऋण समावेशन को गति मिली है। लाभार्थियों में ओबीसी 51% और महिलाएं 67% हैं।इस तरह देखा जाए तो कुल स्वीकृत 57.79 करोड़ ऋणों में से करीब 38.71 करोड़ ऋण महिलाओं के लिए स्वीकृत किए गए हैं।
श्रणी वितरण राशि
शिशु: ₹9.02 लाख करोड़
किशोर: ₹6.22 लाख करोड़
तरुण: ₹1.09 लाख करोड़
| श्रेणी | खाते | स्वीकृत | वितरित |
| शिशु | ₹8.80 करोड़ | ₹2.47 लाख करोड़ | ₹2.42 लाख करोड़ |
| किशोर | ₹2.79 करोड़ | ₹5.09 लाख करोड़ | ₹4.87 लाख करोड़ |
| तरुण | ₹55 लाख | ₹4.82 लाख करोड़ | ₹4.67 लाख करोड़ |
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भारत सरकार द्वारा 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई एक प्रमुख पहल है, जो गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यमों को 20 लाख रुपये तक आसान ऋण मुहैया कराती है। यह योजना विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों के लिए शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस श्रेणियों में बिना गारंटी के ऋण (Collateral-free loan) उपलब्ध कराती है। शिशु के तहत 50 हजार रुपये, किशोर के तहत 50 हजार से 5 लाख रुपये तक, तरुण के तहत 5 से 10 लाख रुपये और तरुण से ऊपर की श्रेणी में 10 से 20 लाख रुपये के ऋण दिए जाते हैं। ऋण विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में सावधि वित्तपोषण और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करते हैं, जिसमें कृषि से संबंधित गतिविधियां जैसे मुर्गी पालन, डेयरी और मधुमक्खी पालन आदि शामिल हैं। ब्याज दर आरबीआई के दिशानिर्देशों द्वारा निर्धारित की जाती है। जिसमें आसान पुनर्भुगतान शर्तें उपलब्ध हैं।
| श्रेणी | ऋण संख्या में हिस्सा | स्वीकृत राशि में हिस्सा |
| शिशु | 74% | 32% |
| किशोर | 24% | 43% |
| तरुण | 2% | 25% |
| तरुण प्लस | 0.004% | 0.095% |