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Pradhan Mantri Mudra Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे, 57.79 करोड़ ऋण मंजूर, ₹40 लाख करोड़ बांटे गए

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कुल स्वीकृति ऋणों की संख्या में महिलाओं की हिस्सेदारी दो तिहाई

Last Updated- April 08, 2026 | 3:51 PM IST
PM Mudra Yojana
Representative image

Pradhan Mantri Mudra Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने आज 11 साल पूरे कर लिए और इस योजना इन 11 वर्षों में छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए संस्थागत ऋण तक पहुंच का परिदृश्य बदल दिया है। गैर-निगमित और गैर-कृषि आय सृजन गतिविधियों के लिए ₹20 लाख तक बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराने वाली इस योजना करोड़ों लोगों को लाखों करोड़ रपये का ऋण दिया जा चुका है। इसका बड़ा एक अहम हिस्सा महिला उद्यमियों मिला है।

11 साल में कितनों को और कितना ऋण मिला?

मुद्रा योजना के तहत अब तक करोड़ों लाभार्थियों को लाख करोड़ रुपये का ऋण मिल चुका है। इस योजना के 11 साल पूरे होने पर वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक इस योजना के तहत अब तक 57.79 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं और इनके माध्यम से  40.07 लाख करोड़ रुपये का ऋण का वितरण किया जा चुका है।

बीते 11 साल के दौरान वर्षवार स्वीकृत ऋणों की संख्या और राशि 

वित्त वर्ष स्वीकृत ऋणों की संख्या

(करोड़ में)

स्वीकृत राशि

(लाख करोड़ रुपये में)

2015-16 3.49 1.37
2016-17 3.97 1.80
2017-18 4.81 2.54
2018-19 5.98 3.22
2019-20 6.23 3.37
2020-21 5.07 3.22
2021-22 5.38 3.39
2022-23 6.24 4.56
2023-24 6.67 5.41
2024-25 5.47 5.53
2025-26

(दिनांक 27.03.2026 तक)

4.49 5.65
कुल 57.79 40.07

लाभार्थियों में महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस योजना ने ऋण के प्रवेश अवरोधों को हटाकर उद्यमिता को लोकतांत्रिक बनाया है और कुल ऋणों का दो-तिहाई हिस्सा महिलाओं को और करीब पांचवां हिस्सा पहली बार उद्यम शुरू करने वालों को मिला है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो नए उद्यमियों को 12 लाख करोड़ रुपये की राशि के साथ 12.15 करोड़ ऋण दिए गए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री (वित्त) पंकज चौधरी ने कहा कि इस योजना ने बैंकों, एनबीएफसी और एमएफआई के जरिए छोटे उद्यमियों को औपचारिक ऋण तंत्र से जोड़ा है, जिससे ऋण समावेशन को गति मिली है। लाभार्थियों में ओबीसी 51% और महिलाएं 67% हैं।इस तरह देखा जाए तो कुल स्वीकृत 57.79 करोड़ ऋणों में से करीब 38.71 करोड़ ऋण महिलाओं के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

27 मार्च 2026 तक महिलाओं को विभिन्न श्रेणी में दिया गया ऋण

श्रणी                         वितरण राशि

शिशु:                   ₹9.02 लाख करोड़

किशोर:                ₹6.22 लाख करोड़

तरुण:                   ₹1.09 लाख करोड़

नए उद्यमी/खाते

श्रेणी  खाते       स्वीकृत               वितरित
 शिशु ₹8.80 करोड़   ₹2.47 लाख करोड़ ₹2.42 लाख करोड़
किशोर    ₹2.79 करोड़    ₹5.09 लाख करोड़      ₹4.87 लाख करोड़
 तरुण    ₹55 लाख  ₹4.82 लाख करोड़    ₹4.67 लाख करोड़

क्या है मुद्रा योजना?

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भारत सरकार द्वारा 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई एक प्रमुख पहल है, जो गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यमों को 20 लाख रुपये तक आसान ऋण मुहैया कराती है। यह योजना विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों के लिए शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस श्रेणियों में बिना गारंटी के ऋण (Collateral-free loan) उपलब्ध कराती है। शिशु के तहत 50 हजार रुपये, किशोर के तहत 50 हजार से 5 लाख रुपये तक, तरुण के तहत 5 से 10 लाख रुपये और तरुण से ऊपर की श्रेणी में 10 से 20 लाख रुपये के ऋण दिए जाते हैं।  ऋण विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में सावधि वित्तपोषण और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करते हैं, जिसमें कृषि से संबंधित गतिविधियां जैसे मुर्गी पालन, डेयरी और मधुमक्खी पालन आदि शामिल हैं। ब्याज दर आरबीआई के दिशानिर्देशों द्वारा निर्धारित की जाती है। जिसमें आसान पुनर्भुगतान शर्तें उपलब्ध हैं।

कुल ऋण में श्रेणीवार हिस्सेदारी 27 मार्च, 2026 तक

श्रेणी   ऋण संख्या में हिस्सा      स्वीकृत राशि में हिस्सा
शिशु           74%          32%
 किशोर     24%   43%
तरुण   2%       25%
तरुण प्लस  0.004%      0.095% 

 

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First Published - April 8, 2026 | 3:51 PM IST

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