कार्यबल ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) क्षेत्र में बदलाव और पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शनों को तेजी से अपनाने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। सरकार ने इस कार्यबल का गठन किया है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति की समस्या खड़ी हो गई थी और इससे निपटने के लिए कार्यबल का गठन किया गया। कार्यबल ने जून, 2026 तक 60 लाख नए पीएनजी कनेक्शन शुरू करने, सभी नए व निर्माणाधीन भवनों में पीएनजी को अनिवार्य करने, पीएनजी पर मूल्य वर्धित कर कम करने की सिफारिश की है। इसी तरह जहां बुनियादी ढांचा मौजूद है वहां वाणिज्यिक खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी को अनिवार्य करने और मौजूदा सड़क गलियारों के साथ भूमिगत सीजीडी पाइपलाइन क्रॉसिंग के लिए वन मंजूरी को सरल बनाने का सुझाव दिया है।
पीएनजी एक्सेलरेशन फॉर क्लीन एनर्जी (पेस) कार्यबल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘भारत में पीएनजी का विस्तार महत्त्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। पाइपलाइन का बुनियादी ढांचा मौजूद है – अंतिम छोर तक तेजी से सुविधाएं पहुंचाना अंतिम बाधा है।’ कार्यबल ने एलपीजी वितरकों को गैस ट्रांजिशन पार्टनर के रूप में पुनर्स्थापित करने और घरेलू पीएनजी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए उन्हें प्रत्यक्ष विपणन एजेंसियों के रूप में शामिल करने का भी आह्वान किया है। इसने पीएनजी आपूर्ति के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को अपनाने में तेजी का भी आह्वान किया है।