महिला आरक्षण बिल (131वां संविधान संशोधन विधेयक) के लोकसभा में पास न हो पाने के एक दिन बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने रविवार को इस संबोधन की पुष्टि की है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि प्रधानमंत्री किस खास विषय पर बात करेंगे, लेकिन बिल गिरने के तुरंत बाद इस संबोधन के ऐलान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
शुक्रवार को निचले सदन में महिला आरक्षण बिल जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में नाकाम रहा था। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। संविधान संशोधन के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, जिससे यह बिल कानूनी रूप नहीं ले सका।
सूत्रों के मुताबिक, आज हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विपक्ष ने इस बिल का विरोध करके महिलाओं के खिलाफ काम किया है और वह इसके लिए “दोषी” है।
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पीएम ने मंत्रियों से साफ कहा कि विपक्ष का महिलाओं को लेकर जो नकारात्मक रवैया है, उसका संदेश देश के हर गांव और हर घर तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि महिलाओं के हक को रोकने की इस गलती के लिए विपक्षी दलों को आने वाले समय में राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
इस बिल के जरिए सरकार का लक्ष्य साल 2029 से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना था। बिल की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार थीं:
बिल के गिरने के बाद सरकार ने फिलहाल ‘परिसीमन विधेयक 2026’ और ‘केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026’ को भी आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। अब सबकी नजरें आज रात होने वाले प्रधानमंत्री के संबोधन पर टिकी हैं कि क्या वे इस हार के बाद किसी नए विकल्प का ऐलान करेंगे या सीधे तौर पर जनता की अदालत में जाकर विपक्ष की घेराबंदी करेंगे।