facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Rajasthan budget 2023: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को पेश करेंगे बजट

Advertisement
Last Updated- February 09, 2023 | 12:19 PM IST
Former Rajasthan chief minister Ashok Gehlot.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को अगले वित्त वर्ष का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल में आ रहा ‘बचत, राहत एवं बढ़त’ थीम वाला यह बजट युवाओं और महिलाओं पर केंद्रित होगा।

गहलोत ने गुरुवार को ट्वीट किया,‘‘बचत, राहत, बढ़त.. आ रहा है। 10 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे राजस्थान बजट पेश किया जाएगा।’’ उल्लेखनीय है कि गहलोत के पास वित्त विभाग भी है। उनका यह मौजूदा कार्यकाल का पांचवां एवं अंतिम बजट होगा। राज्य में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। गहलोत कह चुके हैं कि आगामी (वित्त वर्ष 2023-24) बजट युवाओं एवं महिलाओं पर केंद्रित होगा और राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।

जानकारों के अनुसार इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ऐसा माना जा रहा है कि बजट में सरकार युवाओं और समाज कल्याण के लिए कई नई योजनाएं और कार्यक्रम पेश कर सकती है। मुख्यमंत्री पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि राज्य सरकार महंगाई के असर को कम करने के लिए गरीब परिवारों को 500 रुपये प्रति सिलेंडर की दर से साल में 12 सिलेंडर देगी। इसके अलावा वह गरीब परिवारों को ‘रसोई किट’ देने पर विचार करने की बात भी कह चुके हैं।

मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि सरकार जल्द ही ओला, उबर, स्विगी जैसे ऐप के माध्यम से काम कर रहे ‘गिग वर्कर्स’ की सामाजिक सुरक्षा के लिए भी योजना बनाएगी, ताकि कंपनियां इनके साथ मनमानी ना कर सकें। उम्मीद है कि वे इस बारे में बजट में कोई घोषणा कर सकते हैं। स्विगी एवं ओला जैसी ऐप-आधारित सेवाओं के लिए काम करने वालों को गिग वर्कर्स कहा जाता है।

Advertisement
First Published - February 9, 2023 | 12:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement