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Rice Row: कर्नाटक को चावल देने से इनकार करने के बाद, FCI को ई-नीलामी में नहीं मिला कोई खरीदार

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चुनाव के समय कर्नाटक सरकार ने BPL कार्ड धारकों को 5 किलो चावल मुफ्त देने का वादा किया था। इस चुनावी गारंटी को पूरा करने के लिए कर्नाटक को बड़ी मात्रा में चावल की आवश्यकता है।

Last Updated- July 10, 2023 | 10:37 AM IST
Basmati rice

Rice Row: केंद्र सरकार द्वारा ओपन मार्केट सेल स्कीम- घरेलू (OMSS-D) के तहत कर्नाटक सहित अन्य राज्यों को चावल की बिक्री बंद करने और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) को बाजार में अनाज की ई-नीलामी करने के लिए कहा था।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह FCI ने ई-नीलामी के तहत 3.86 लाख मीट्रिक टन चावल की पेशकश की मगर उसे बहुत अधिक खरीदार नहीं मिले। FCI को ई-नीलामी के तहत केवल 170 मीट्रिक टन चावल के लिए ही बोलियां प्राप्त हुईं।

FCI को नीलामी में केवल तीन राज्यों से प्राप्त हुईं बोलियां

5 जुलाई को ई-नीलामी में, FCI ने 19 राज्यों और नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर (NEF) क्षेत्र में 3.86 लाख मीट्रिक टन चावल बेचने की पेशकश की। इसमें अधिकतम 1.5 लाख मीट्रिक टन चावल पंजाब के लिए था। इसके बाद तमिलनाडु के लिए 49,000 मीट्रिक टन था और कर्नाटक के लिए 33,000 मीट्रिक टन था।

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हालांकि, M जंक्शन की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, FCI को तीन राज्यों से ही बोलियां प्राप्त हुईं। FCI को महाराष्ट्र से 70 मीट्रिक टन, गुजरात से 50 मीट्रिक टन, कर्नाटक से 40 मीट्रिक टन चावल और NEF क्षेत्र से 10 मीट्रिक टन चावल के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। बता दें कि M जंक्शन सर्विसेज लिमिटेड, एक प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से FCI ने नीलामी आयोजित की थी।

16 राज्यों में FCI को नहीं मिला कोई खरीदार

FCI को ई- नीलामी में शेष 16 राज्यों से कोई खरीदार नहीं मिला। इन राज्यों में हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, पंजाब, जम्मू और कश्मीर, आंध्र प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, दिल्ली, केरल, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान और उत्तराखंड के नाम शामिल हैं। बता दें कि इन नीलामियों में केवल निजी खिलाड़ी ही भाग ले सकते हैं, राज्य सरकारें नहीं।

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कर्नाटक सरकार को अपनी चुनावी गारंटी पूरा करने के लिए चाहिए चावल

बता दें कि विधानसभा चुनाव के समय कर्नाटक सरकार ने BPL कार्ड धारकों को 5 किलो चावल मुफ्त देने का वादा किया था। अपनी इस चुनावी गारंटी को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को बड़ी मात्रा में चावल की आवश्यकता है। कर्नाटक सरकार ने अपने इस चुनावी वादे को पूरा करने के लिए FCI से 2.28 लाख मीट्रिक टन की मांग की थी। 12 जून को लिखे दो पत्रों में, FCI ने लगभग 2.22 लाख मीट्रिक टन आपूर्ति करने पर सहमति व्यक्त की थी।

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एक दिन बाद, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने FCI को राज्य सरकारों को अनाज बेचने के खिलाफ निर्देश दिया। 14 जून को FCI ने कर्नाटक को चावल आवंटित करने का अपना आदेश रद्द कर दिया।

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First Published - July 10, 2023 | 10:37 AM IST

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