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Same-Sex Marriage Verdict : समलैंगिक विवाह को नहीं मिली कानूनी मान्यता, SC ने कहा- कानून बनाना संसद का काम

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समलैंगिक विवाह (Same-Sex Marriage) को कानूनी मान्यता देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुना रही है।

Last Updated- October 17, 2023 | 2:19 PM IST
Supreme Court

समलैंगिक विवाह (Same-Sex Marriage) को कानूनी मान्यता देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुना रही है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 10 दिनों की मैराथन सुनवाई के बाद 11 मई को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ के अन्य सदस्य न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, एस रवींद्र भट्ट, हिमा कोहली और पी एस नरसिम्हा हैं। लाइव अपडेट के लिए जुड़े रहे बिजनेस स्टैंडर्ड के लाइव ब्लॉग पर…

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First Published - October 17, 2023 | 11:25 AM IST

मुख्य घटनाएं

12:57

समलैंगिक विवाह को नहीं मिली कानूनी मान्यता

सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार किया। न्यायमूर्ति हिमा कोहली ने न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट्ट के लिखे फैसले से सहमति जताई।  
12:54

विवाह मौलिक अधिकार नहीं

न्यायमूर्ति भट्ट ने प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति कौल की इस बात से सहमति जताई कि संविधान में विवाह के किसी मौलिक अधिकार की गारंटी नहीं दी गई है। न्यायमूर्ति भट्ट ने कहा कि समलैंगिक जोड़ों को बिना किसी बाधा एवं परेशानी के एक साथ रहने का अधिकार है।  
12:41

गैर-विषमलैंगिक यूनियन संविधान के तहत सुरक्षा के हकदार : न्यायमूर्ति एस के कौल

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने कहा, ‘’गैर-विषमलैंगिक संघ संविधान के तहत सुरक्षा के हकदार हैं।’’  
12:37

समलैंगिक व्यक्तियों को अपना साथी चुनने का अधिकार : न्यायमूर्ति भट्ट

न्यायमूर्ति भट्ट ने कहा कि समलैंगिक व्यक्तियों को अपना साथी चुनने का अधिकार है, देश के लिए ऐसे संबंधों से जुड़े अधिकारों को मान्यता देना बाध्यकारी नहीं हो सकता।  
12:22

जस्टिस भट्ट गैर-विषमलैंगिक (non-heterosexual) जोड़ों को गोद लेने की अनुमति देने वाली CJI की राय से असहमत

आज सुप्रीम कोर्ट में विवाह समानता पर अपना फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट्ट ने कहा कि वह गैर-विषमलैंगिक जोड़ों को गोद लेने की अनुमति देने वाली CJI डी वाई चंद्रचूड़ की राय से असहमत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की उच्चाधिकार प्राप्त समिति को नीतिगत बदलावों पर निर्णय लेना चाहिए।  
12:20

CJI के कुछ विचारों से सहमत और कुछ से असहमत : न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट्ट

समलैंगिक विवाह के मामले में न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट्ट ने कहा कि वह प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ के कुछ विचारों से सहमत और कुछ से असहमत हैं।  
12:16

समलैंगिक संबंधों को कानूनी मान्यता देना वैवाहिक समानता की दिशा में एक कदम : न्यायमूर्ति कौल

न्यायमूर्ति कौल ने कहा कि समलैंगिक संबंधों को कानूनी मान्यता देना वैवाहिक समानता की दिशा में एक कदम है। समलैंगिक और विपरीत लिंग के संबंधों को एक ही सिक्के के दो पहलुओं के रूप में देखा जाना चाहिए।      
12:14

समलैंगिक लोगों के अधिकारों से जुड़े फैसला लेने के लिए केंद्र बनाएगा पैनल

चीफ जस्टिस ने कहा कि न्यायालय सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का यह बयान दर्ज करता है कि केंद्र समलैंगिक लोगों के अधिकारों के संबंध में फैसला करने के लिए पैनल बनाएगा।   
12:11

समलैंगिक जोड़े पर FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच हो- CJI

प्रधान न्यायाधीश ने पुलिस को समलैंगिक जोड़े के संबंधों को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया।   
12:07

न्यायमूर्ति एस. के. कौल ने CJI के मत से सहमति जताई

न्यायमूर्ति एस. के. कौल ने समलैंगिक जोड़ों को कुछ अधिकार दिए जाने को लेकर प्रधान न्यायाधीश से सहमति जताई।   
12:03

लिंग-परिवर्तन ऑपरेशन की अनुमति इसके परिणाम को पूरी तरह समझने के उम्र में दिया जाए

राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लिंग-परिवर्तन ऑपरेशन की अनुमति उस उम्र तक न दी जाए जब तक, इसके इच्छुक लोग इसके परिणाम को पूरी तरह समझने में सक्षम नहीं हों। केंद्र, राज्य, केंद्रशासित प्रदेश समलैंगिक अधिकारों के बारे में आम लोगों को जागरूक करने के लिए कदम उठाएं।  
11:57

विषमलैंगिक संबंधों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शादी करने का अधिकार

चीफ जस्टिस ने कहा कि विषमलैंगिक (heterosexual) संबंधों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शादी करने का अधिकार है।  
11:54

सरकार सुनिश्चित करें कि समलैंगिक समुदाय के साथ भेदभाव न हो

कानून यह नहीं मान सकता कि केवल विपरीत लिंग के जोड़े ही अच्छे माता-पिता साबित हो सकते हैं क्योंकि यह समलैंगिक जोड़ों के खिलाफ भेदभाव होगा। केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश यह सुनिश्चित करें कि समलैंगिक समुदाय के साथ भेदभाव न हो।  
11:49

समलैंगिक व्यक्तियों के साथ भेदभाव न किया जाना समानता की मांग

समलैंगिक लोगों सहित सभी को अपने जीवन की नैतिक गुणवत्ता का आकलन करने का अधिकार है। इस अदालत ने माना है कि समलैंगिक व्यक्तियों के साथ भेदभाव न किया जाना समानता की मांग है।  
11:45

जीवन साथी चुनने की क्षमता अनुच्छेद 21 से जुड़ी- चीफ जस्टिस

प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि जीवन साथी चुनने की क्षमता अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ी है। संबंधों के अधिकार में जीवन साथी चुनने का अधिकार, उसकी मान्यता शामिल है; इस प्रकार के संबंध को मान्यता नहीं देना भेदभाव है।     
11:42

विवाह को एक स्थिर और अपरिवर्तनीय संस्था कहना गलत

प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने समलैंगिक विवाह मामले में कहा कि यह कहना गलत होगा कि विवाह एक स्थिर और अपरिवर्तनीय संस्था है। विशेष विवाह अधिनियम की व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता है या नहीं, इसका निर्णय संसद को करना है।   
11:35

समलैंगिकता केवल शहरी अवधारणा नहीं- चंद्रचूड़

प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने समलैंगिक विवाह मामले में कहा कि समलैंगिकता केवल शहरी अवधारणा नहीं है या समाज के उच्च वर्ग तक ही सीमित नहीं है।  यह कल्पना करना कि समलैंगिकता केवल शहरी इलाकों में मौजूद है, उन्हें मिटाने जैसा होगा, किसी भी जाति या वर्ग का व्यक्ति समलैंगिक हो सकता है।
11:29

सुप्रीम कोर्ट कानून नहीं बना सकती- चीफ जस्टिस चंद्रचूड़

प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने समलैंगिक विवाह मामले में कहा कि यह अदालत कानून नहीं बना सकती, वह केवल इसकी व्याख्या कर सकती है और इसे प्रभावी बना सकती है।  
11:28

सुप्रीम कोर्ट ने 21 याचिकाओं पर फैसला सुनाना शुरू किया

न्यायालय ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने का अनुरोध करने वाली 21 याचिकाओं पर फैसला सुनाना शुरू किया। 
11:17

फैसला सुनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ बैठी

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाने के लिए उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की पीठ बैठी।

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