Karnataka CM: कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार को बड़ा मोड़ देखने को मिला जब कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 77 वर्षीय नेता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है। उनके इस्तीफे के बाद राज्य में नई राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत शहर से बाहर थे, इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को सौंपा। उन्होंने भरोसा जताया कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा। सिद्धारमैया ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पहले से ही यह बात दोहराते रहे हैं कि पार्टी हाईकमान के निर्देश मिलने पर वे पद छोड़ देंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें दो दिन पहले पार्टी हाईकमान की ओर से पद छोड़ने का निर्देश मिला था। उन्होंने बताया कि उसी निर्देश का पालन करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का सम्मान करना उनकी राजनीतिक जिम्मेदारी है और वह पार्टी अनुशासन के तहत काम करते रहे हैं। सिद्धारमैया ने इस दौरान कांग्रेस नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया।
अपने बयान में सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें कर्नाटक की जनता की सेवा करने का अवसर दो बार मिला, जिसके लिए वह आभारी हैं। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व के समर्थन से ही उन्हें यह जिम्मेदारी मिली।
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उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में यह अनुभव उनके लिए महत्वपूर्ण रहा है और वह आगे भी पार्टी के साथ जुड़े रहेंगे।
सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस्तीफा संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार सौंपा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल इसे स्वीकार करेंगे। उनके इस्तीफे के बाद अब राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।