facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

एथेनॉल पर चीनी निर्यात निर्भर

Advertisement

भारत का चीनी उत्पादन 3.2 करोड़ टन अनुमानित, निर्यात पर अंतिम निर्णय एथेनॉल की मांग पूरी होने के बाद

Last Updated- December 19, 2024 | 11:37 PM IST
Preparation for increase in ethanol prices, sugar mills will get relief एथनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी, चीनी मिलों को मिलेगी राहत

सत्र 2024-25 में भारत के पास निर्यात के लिए 10 लाख टन अधिशेष चीनी हो सकती है लेकिन एथेनॉल की घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बाद ही विदेश में चीनी की खेप भेजे जाने के बारे में अंतिम निर्णय किया जा सकता है। यह जानकारी सरकारी अधिकारी ने दी।

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने भारतीय चीनी और बॉयो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) की सालाना बैठक के इतर संवाददाताओं को बताया, ‘हमारे पास हालिया उत्पादन और खपत की जरूरतों को पूरा करने के बाद निर्यात के लिए करीब 10-12 लाख टन अतिरिक्त चीनी हो सकती है। हालांकि इस बारे में अंतिम फैसला एथेनॉल की सभी जरूरतों के पूरा होने के बाद ही लिया जाएगा।’

हालांकि चोपड़ा ने कहा कि इस चीनी सत्र (2024-25 का चीनी सत्र अक्टूबर से शुरू हुआ) में चीनी निर्यात की अनुमति देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस सिलसिले में अंतिम फैसला एथेनॉल की जरूरतों को पूरा करने के बाद स्पष्ट होगा। सरकारी गणना के अनुसार भारत का कुल चीनी उत्पादन 2024-25 सत्र में 3.2 करोड़ टन होने का अनुमान है जबकि ओपनिंग स्टॉक 79 लाख टन होने का अनु्मान है।

इससे आपूर्ति में कुल आपूर्ति 4 करोड़ टन होगी। भारत में 2024-25 में चीनी की कुल खपत 2.9 करोड़ टन होने का अनुमान है। हालांकि एथेनॉल के लिए 40 लाख टन इस्तेमाल होने का अनुमान है। लिहाजा 69 लाख टन अधिशेष बच सकता है। हर साल के शुरू में ओपनिंग स्टॉक होने के कारण देश में ढाई महीने चीनी की खपत की जरूरत होगी जो करीब 57-59 लाख टन है। लिहाजा निर्यात के लिए 10-12 लाख टन चीनी निर्यात के लिए हो सकती है।

Advertisement
First Published - December 19, 2024 | 11:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement