facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

‘सही था नोटबंदी का फैसला’- सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दी राहत

Advertisement
Last Updated- January 02, 2023 | 11:46 AM IST
Demonetization

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के Demonetisation के फैसले पर आज यानी सोमवार को अपना फैसला सुना दिया है। साल 2016 में 1000 और 500 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने के मोदी सरकार के फैसले को सही बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने 4-1 के बहुमत से नोटबंदी के खिलाफ याचिकाओं को खारिज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार की नोटबंदी को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया है। जस्टिस अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने कहा कि सरकार के आर्थिक फैसलों को बदला नहीं जा सकता। 

बता दें, इससे पहले बेंच ने पांच दिन की बहस के बाद 7 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।  फैसला सुनाने वाली बेंच में जस्टिस अब्दुल नजीर, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस ए.एस. बोपन्ना, जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यन, और जस्टिस बी.वी. नागरत्ना शामिल रहे।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि नोटबंदी से पहले केंद्र और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच चर्चा की गई थी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि नोटबंदी का फैसला लेते समय अपनाई गई प्रक्रिया में सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं थी। इसलिए, नोटबंदी की उस अधिसूचना को रद्द करने की कोई जरूरत नहीं है।

RBI ने क्या क्या कहा?

इस मामले में रिजर्व बैंक ने कहा कि आरबीआई अधिनियम के तहत प्रक्रिया का पालन किया गया। आरबीआई की केंद्रीय बोर्ड की बैठक में निर्धारित कोरम पूरा किया गया था।

केंद्र ने कोर्ट में क्या दी दलील

केंद्र ने नोटबंदी को जाली नोटों, काले धन और आतंकवाद जैसी गतिविधियों से लड़ने के लिए इसे एक अहम फैसला बताया। सरकार ने दावा किया कि नोटबंदी ने नकली करंसी को सिस्टम से काफी हद तक बाहर कर दिया गया। नोटबंदी से डिजिटल अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचा है

नोटबंदी के खिलाफ दाखिल हुई थीं 58 याचिकाएं

कोर्ट में सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ कुल 58 याचिकाएं दाखिल की गई थीं। याचिकाकर्ताओं ने ये दावा किया कि सरकार ने नोटबंदी के लिए जो प्रक्रिया अपनाई उसमें बहुत खामियां थी। और नोटबंदी सरकार की मनमानी के तहत लिया गया फैसला था। इन्हीं आरोपों के चलते याचिकाओं में नोटबंदी को रद्द करने की मांग की गई।

2016 में हुई थी नोटबंदी

बता दें, केंद्र सरकार ने 8 नवंबर 2016 को देश में अचानक से नोटबंदी की अधिसूचना लागू कर दी दी। इसके तहत 1000 और 500 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था। इस फैसले के बाद पूरे देश में नोट बदलवाने के लिए लोग लाइनों में लगे दिखे। नोटबंदी के फैसले के खिलाफ 58 याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिस पर 2 जनवरी यानी आज सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने फैसला सुनाया है।

Advertisement
First Published - January 2, 2023 | 11:27 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement