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अनुच्छेद 370: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक दलों की रही मिलीजुली प्रतिक्रिया

PDP की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने को बरकरार रखने का उच्चतम न्यायालय का निर्णय ‘मौत की सजा से कहीं कम नहीं है’।

Last Updated- December 11, 2023 | 10:54 PM IST
Supreme Court

अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखने पर जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों की ओर से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं। नैशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर निराशा व्यक्त की लेकिन संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने एक शेर के जरिये अपनी बात कही, ‘दिल नाउम्मीद तो नहीं नाकाम ही तो है, लंबी है गम की शाम, मगर शाम ही तो है।’

भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ‘हम फैसले का सही अर्थों में आदर व सम्मान करते हैं।’

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने को बरकरार रखने का उच्चतम न्यायालय का निर्णय ‘मौत की सजा से कहीं कम नहीं है’।

डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने फैसले को ‘दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ‘भारी मन के साथ हमें इसे स्वीकार करना होगा।’

First Published - December 11, 2023 | 10:54 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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