facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

नवंबर में ट्रक के भाड़े गिरे

Advertisement

शहरी मांग में कमी, एनसीआर में बीएस 4 ट्रकों पर प्रतिबंध और चुनावी गतिविधियों ने लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर डाला असर।

Last Updated- December 04, 2024 | 11:21 PM IST
hit

ट्रक भाड़े में नवंबर में गिरावट आई है। वाहन क्षेत्र पर बुधवार को जारी मासिक रिपोर्ट के अनुसार त्योहारी मौसम की बढ़ी हुई मांग से अक्टूबर में ज्यादातर मार्गों पर ट्रक भाड़े सामान्य स्तर पर आ गए थे। श्रीराम समूह द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली – चेन्नई – दिल्ली मार्ग पर मासिक आधार पर 1.4 फीसदी और दिल्ली – बेंगलूरु – दिल्ली मार्ग पर 1 फीसदी की गिरावट आई।

नवंबर, 2024 में मासिक आधार पर फ्लीट ऑक्यूपेंसी स्तर गिरकर करीब 60 फीसदी रह गया। इस स्तर में गिरावट का प्रमुख कारण सभी श्रेणियों में खराब शहरी मांग, वायु प्रदूषण के कारण एनसीआर क्षेत्र में बीएस 4 ट्रकों की आवाजाही पर प्रतिबंध, महाराष्ट्र में चुनाव संबंधित गतिविधियां और कृषि उत्पादों की आवाजाही घटना है।

इस व्यापार में ज्यादातर हिस्सेदारी बीएस 4 ट्रकों की है। एनसीआर क्षेत्र में हालिया प्रतिबंध के कारण बीएस 4 ट्रक एनसीआर की सीमा तक सामान ढोकर लाते हैं और इसके बाद इस सामान को छोटे आकार के बीएस 6 ट्रक या सीएनजी चालित ट्रक के जरिये एनसीआर के अंदर के क्षेत्र में भेजा जाता है। इससे इस क्षेत्र में सामान लाने-ले जाने की लागत बढ़ गई है। ट्रकों की मांग गिरने का अन्य कारण महाराष्ट्र में चुनाव संबंधित गतिविधियों का होना था।

श्रीराम फाइनैंस लिमिटेड के मुख्य कार्याधिकारी व प्रबंध निदेशक वाई एस चक्रवर्ती ने कहा कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में त्योहारी मौसम का उत्साह फीका हो गया है। जीडीपी में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले निजी खपत में महज छह फीसदी की बढ़त हुई है, जबकि पहली तिमाही में यह 7.4 फीसदी बढ़ी थी।

Advertisement
First Published - December 4, 2024 | 11:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement