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प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को निर्बाध गैस आपूर्ति, प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ ऊर्जा की ​स्थिति की समीक्षा की

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प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उपभोक्ताओं पर पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों का सीधा असर न पड़े

Last Updated- March 10, 2026 | 10:59 PM IST
lpg cylinder
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है।

सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ बैठक कर देश में ऊर्जा की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने को कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं को आपूर्ति और कीमत पर पश्चिम एशिया संघर्ष का असर न झेलना पड़े।

प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उपभोक्ताओं पर पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों का सीधा असर न पड़े। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत की एक-तिहाई गैस आपूर्ति बाधित होने के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को मिलने वाली गैस प्रमुख उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। आवश्यक वस्तु अ​धिनियम, 1955 केंद्र सरकार को पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, वितरण और व्यापार को विनियमित करने का अ​धिकार देता है।

एलएनजी को नए सिरे से प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया गया है ताकि एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पीएनजी की मांग का 100 फीसदी, वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की 80 फीसदी और उर्वरक इकाइयों की 70 फीसदी जरूरत पूरी की जा सके। इस सूची में तीसरे स्थान पर चाय उद्योग, विनिर्माण और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को रखा गया है। इन्हें परिचालन उपलब्धता के आधार पर पिछले छह महीने की औसत गैस खपत का लगभग 80 फीसदी उपलब्ध कराया जाएगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि वह जामनगर रिफाइनरी में एलपीजी का उत्पादन बढ़ाएगी और केजी-डी6 बेसिन के गैस की आपूर्ति प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को करेगी। शहरी गैस वितरण (सीजीडी) से जुड़ी कंपनियों द्वारा औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को की जाने वाली आपूर्ति को प्राथमिकता सूची में चौथे स्थान पर रखा गया है।  तेलशोधक कंपनियां एलएनजी आपूर्ति में रुकावट के असर को जितना हो सके, झेलेंगी। इसके लिए वे रिफाइनरियों को गैस देना पिछले छह महीने की गैस खपत का लगभग 65 प्रतिशत तक कम करेंगी जो परिचालन व्यवहार्यता पर निर्भर करेगा।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर लिखा, ‘हमने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं को सीएनजी और पीएनजी की शत-प्रतिशत आपूर्ति तय हो और युद्ध की स्थिति के बावजूद अन्य उद्योगों को उनकी आपूर्ति का 70 से 80 फीसदी मिलता रहे।’ वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडर की अचानक किल्लत होने से होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है।

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First Published - March 10, 2026 | 10:49 PM IST

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