केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, जिसके लिए लगभग 8.7 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा। इस परियोजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में की थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत के सभी घरों में नल के माध्यम से साफ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
वैष्णव ने कहा, ‘मंत्रिमंडल ने जल शक्ति मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें जल जीवन मिशन (जेजेएम) के कार्यान्वयन को बुनियादी ढांचे के निर्माण से सेवा वितरण की ओर पुनर्गठित और पुनर्निर्देशित करने की बात कही गई है।’
उन्होंने बताया कि संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जेजेएम के कार्यान्वयन के लिए मंत्रिमंडल ने कुल परिव्यय को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है, जिसमें 2019-20 में स्वीकृत 2.08 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 3.59 लाख करोड़ रुपये की कुल केंद्रीय सहायता शामिल है।