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अमेरिका का 166 अरब डॉलर टैरिफ रिफंड, भारतीय निर्यातकों को मिल सकता है 12 अरब डॉलर का फायदा

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यह रिफंड अमेरिका के सर्वोच्च अदालत द्वारा 20 फरवरी को दिए गए एक अहम फैसले के बाद दिया जा रहा है

Last Updated- April 21, 2026 | 10:49 PM IST
US tariff refund

अमेरिका ने सोमवार को 166 अरब डॉलर के टैरिफ (आयात शुल्क) रिफंड की घोषणा की है। भारतीय निर्यातकों को सीधे तौर पर इस रिफंड का कोई हिस्सा मिलने की संभावना तो कम है, लेकिन जवाबी शुल्कों के हटने से बाजार में उनकी स्थिति पहले से ही मजबूत हो रही है। इससे निर्यातकों की कीमत तय करने की ताकत में सुधार हो रहा है और उन्हें नए ऑर्डर मिलने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। भारत से अमेरिका को होने वाले लगभग 53 फीसदी निर्यात (मुख्य रूप से कपड़ा और परिधान) पर भारी आयात शुल्क लगा था, जिसके कारण रिफंड में इनकी सबसे बड़ी हिस्सेदारी होगी।

नई दिल्ली के एक थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अनुमान के अनुसार, इस कुल रिफंड में से भारतीय निर्यातक 12 अरब डॉलर का हिस्सा पाने के पात्र हैं। इसमें कपड़ा और परिधान के क्षेत्र की लगभग 4 अरब डॉलर, इंजीनियरिंग उत्पादों की 4 अरब डॉलर और रसायनों की लगभग 2 अरब डॉलर की हिस्सेदारी शामिल हैं। बाकी हिस्सा अन्य छोटे क्षेत्रों का है।

यह रिफंड अमेरिका के सर्वोच्च अदालत द्वारा 20 फरवरी को दिए गए एक अहम फैसले के बाद दिया जा रहा है। अदालत ने कहा था कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ गैर कानूनी थे क्योंकि इन्हें बिना उचित कानूनी अधिकार के ‘इंटरनैशनल इमरजेंसी इकनॉमिक पावर्स एक्ट’ के तहत लगाया गया था।

इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष पंकज चड्ढा ने बताया कि यह टैरिफ रिफंड, मुख्य रूप से अमेरिकी आयातकों के लिए है क्योंकि आधिकारिक तौर पर शुल्क उन्होंने ही जमा की थी। उन्होंने कहा, ‘कुछ मामलों में जहां अमेरिका में कोई भारतीय कंपनी ही अपनी सहायक कंपनी के जरिये आधिकारिक आयातक है तब ऐसे मामले में उसे इस रिफंड का पूरा फायदा मिलेगा। वहीं, जिन मामलों में निर्यातक और आयातक अलग-अलग हैं, वहां भारतीय निर्यातक अपने खरीदार से अगले ऑर्डर में कुछ अतिरिक्त कीमत देने के लिए कह सकते हैं। लेकिन यह पूरी तरह से खरीदार की इच्छा पर निर्भर करेगा।’

एक कपड़ा निर्यातक ने बताया कि अमेरिकी खरीदार रिफंड साझा करने के लिए तैयार नहीं हैं। एक अन्य निर्यात संवर्धन परिषद के प्रमुख ने कहा कि कायदे से अमेरिकी खरीदारों को टैरिफ रिफंड का कुछ हिस्सा निर्यातकों को देना चाहिए, लेकिन वे खुद संशय में हैं कि वास्तव में ट्रंप प्रशासन उन्हें रिफंड देगा या नहीं।

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First Published - April 21, 2026 | 10:19 PM IST

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