facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

UP में विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड सिर्फ मांग पर ही करेंगे नए फ्लैटों का निर्माण

Advertisement
Last Updated- May 28, 2023 | 4:47 PM IST
Macrotech Developers

उत्तर प्रदेश में अब सरकारी आवासीय संस्थाएं विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद मांग होने पर ही नए फ्लैट अथवा मकान बनाएंगे। किसी भी शहर में विकास प्राधिकरण नयी आवासीय योजना लाने से पहले सर्वे कराएगा। यह सर्वे मांग को लेकर होगा। जरुरत होने पर ही नए आवास बनाए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार के आवास विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक अब किसी भी सरकारी संस्था को नए मकान बनाने से पहले संबंधित शहर में मांग आधारित सर्वे कराना होगा। सर्वे के आधार पर ही नए मकान बनाए जाएंगे। आवास विभाग की इस गाइडलाइन को मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा। गाइडलाइन को लेकर प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों से सुझाव भी मांगे गए हैं। नई गाइडलाइन लागू हो जाने के बाद प्राधिकरण मनमाने तरीके से फ्लैट नहीं बना पाएंगे।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के ज्यादातर विकास प्राधिकरणों से लेकर आवास विकास परिषद में बड़ी तादाद में तैयार खड़े मकान बिक नहीं पा रहे हैं।

आवास विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न शहरों में प्राधिकरण व आवास विकास परिषद के 29003 फ्लैट बिना बिके हुए खड़े हैं। इनमें करीब 10000 करोड़ रुपये की रकम फंसी हुई है। कई बार कीमतें घटाने और आकर्षक पेशकश के बाद भी इन मकानों के खरीददार नहीं मिल रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण बिना मांग के मकान बनना है। आवास विकास और प्राधिकरण के बड़ी तादाद में आवासीय योजनाओं में बिना जरुरत के ही बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट बना दिए हैं जबकि उनके लिए पूर्व में कोई बुकिंग तक नहीं हो पाई थी। बनकर खड़े इन मकानों को लेने के लिए खरीददार नहीं आ रहे हैं।

Also read: साइबर अपराधी लगातार बढ़ा रहे खतरे, बीते साल भारत में 31 फीसदी बढ़े मालवेयर हमले: रिपोर्ट

अकेले राजधानी लखनऊ में ही विभिन्न आवासीय योजनाओं में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 1600 के लगभग फ्लैट बिना बिके खड़े हैं।

प्राधिकरण ने इनकी बिक्री के लिए पहले आओ पहले पाओ, आन दि स्पाट बिक्री से लेकर तमाम जुगत की पर ग्राहक नहीं मिले हैं। फ्लैटों की बिक्री के लिए प्राधिकरण ने इन पर GST माफ करने से लेकर कीमत घटाने के उपक्रम भी किए हैं। फिर भी फ्लैटों को खरीददार नहीं मिल पा रहे हैं। इन हालात के चलते LDA ने पहले ही मकान बनाने से तौबा करते हुए केवल प्लॉटों की बिक्री का प्रस्ताव बनाया है।

Advertisement
First Published - May 28, 2023 | 4:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement